Ба ҷурми онкии ошиқами зи ман канора ме кунад
به جرم آنکه عاشقم ز من کناره میکند
Дучори дарди ишқро ба дард чора ме кунад
دچار درد عشق را به درد چاره میکند
Ба арсае ки якка тоз ҳасан ӯ қадам занад
به عرصهای که یکهتاز حسن او قدم زند
Ҳазор рахна дар дили дусад савора ме кунад
هزار رخنه در دل دوصد سواره میکند
Фурӯғ рӯй ӯ чунон занад раҳи хаёл ро
فروغ روی او چنان زند ره خیال را
Ки ақли пери пардаи хаёл пора ме кунад
که عقل پیر پردهٔ خیال پاره میکند
Фидои моҳи пора Эй шавам ки тири ғамза аш
فدای ماهپارهای شوم که تیر غمزهاش
Ду нимаи қурси моҳро ба як ишора ме кунад
دو نیمه قرص ماه را به یک اشاره میکند
Чаҳ лолаи доғам аз ғамаш валек хуши дилам ки ӯ
چه لاله داغم از غمش ولیک خوش دلم که او
Чу шамъи истодау маро назора ме кунад
چو شمع ایستاده و مرا نظاره میکند
Ҳар ончӣ мекунад ба маннигор моҳрӯии ман
هر آنچه میکند به من نگار ماهروی من
На чархи кҷрўш на толеъ ва ситора ме кунад
نه چرخ کجروش نه طالع و ستاره میکند
Шабаст рӯзи тори ман зи дард бе шумори ман
شب است روز تار من ز درد بیشمار من
Магари балои ишқро касе шумора ме кунад
مگر بلای عشق را کسی شماره میکند
зи сӯзи оҳи мФтқр чаро ҳазар наме кунӣ
ز سوز آه مفتقر چرا حذر نمیکنی
Магар на сӯз ӯ асар ба санг хора ме кунад
مگر نه سوز او اثر به سنگ خاره میکند