Дӯши ҳотифи ғайбии ҳали ин муаммо кард
دوش هاتف غیبی حل این معما کرد
Суд ҳар ду олам ёфт ҳар ки бо ту савдо кард
سود هر دو عالم یافت هر که با تو سودا کرد
Аз румузи лавҳи ишқ ҳар ки нуктае омухт
از رموز لوح عشق هر که نکته ای آموخت
Дар маҳосини рӯяти сад саҳифа иншо кард
در محاسن رویت صد صحیفه انشا کرد
Меҳри моҳи рухсорати шоҳиди дили ороят
مهر ماه رخسارت شاهد دل آرایت
Шамъи равшани дилро меҳри олам оро кард
شمع روشن دل را مهر عالم آرا کرد
Он ягонаи даврон то дам аз таҷаллӣ зад
آن یگانۀ دوران تا دم از تجلی زد
Арсаи ду гетиро рашки тавр сино кард
عرصۀ دو گیتی را رشک طور سینا کرد
Кард бо дили ушшоқи нолаи дили мутриб
کرد با دل عشاق نالۀ دل مطرب
Ончиро ки бо Мӯсои нағма « анои аллоҳ » кард
آنچه را که با موسی نغمۀ «انا الله» کرد
Кард лаъли дилҷӯяш бо равони муштоқон
کرد لعل دلجویش با روان مشتاقان
Ончии рӯҳ қудсӣ кард ё дам масеҳо кард
آنچه روح قدسی کرد یا دم مسیحا کرد
ё ки маънии ҳасанаши равнақӣ ба сӯрат дод
یا که معنی حسنش رونقی به صورت داد
Касб ҳар камолӣ буд сӯрат аз ҳаюло кард
کسب هر کمالی بود صورت از هیولا کرد
Қайси омирии умрии сар ба кӯҳ ва саҳро зад
قیس عامری عمری سر به کوه و صحرا زد
То ки сиррӣ аз ишқи Лайлӣ ошкоро кард
تا که سرّی از عشق لیلی آشکارا کرد
Теша фидокорӣ кунад решаи Фарҳод
تیشۀ فداکاری کند ریشۀ فرهاد
Шӯри ишқ , ширинро дар замона расво кард
شور عشق، شیرین را در زمانه رسوا کرد
Ишваи гул рӯйиш дод длстонӣ дод
عشوۀ گل رویش داد دلستانی داد
Табъи мФтқрро чун андалеб шайдо кард
طبع مفتقر را چون عندلیب شیدا کرد