Сабо ба пери харобот аз харобаи шом
صبا به پیر خرابات از خرابۀ شام
Бабри зи кӯдаки зори ин ҷгргдози паём
ببر ز کودک زار این جگرگداز پیام
Ки эй падари зи ман зори ҳеҷ огоҳӣ
که ای پدر ز من زار هیچ آگاهی
Ки рӯзи ман шаб торасту субҳи равшани шом
که روز من شب تار است و صبح روشن شام
Ба сарпарастии мо санг ояд аз чапу рост
به سرپرستی ما سنگ آید از چپ و راست
Ба длнўозии моҳо зи пеш ва пас дашном
به دلنوازی ماها ز پیش و پس دشنام
На рӯз аз ситами душманони тании роҳат
نه روز از ستم دشمنان تنی راحت
На шаби зи доғи дили оромҳо дилии ором
نه شب ز داغ دلآرامها دلی آرام
Ба кӯдакони пдркштаҳи модари гетӣ
به کودکان پدرکشته مادر گیتی
Ҳамеи зи хӯн ҷигар медиҳад шаробу таом
همی ز خون جگر میدهد شراب و طعام
Чароғи маҷлиси мо шамъи оҳи беваи занон
چراغ مجلس ما شمع آه بیوهزنان
Анису мӯниси мо нолаи дили айтом
انیس و مونس ما نالۀ دل ایتام
Фалак хароб шавад кин хароба бе сақф
فلک خراب شود کاین خرابۀ بیسقف
Чаҳ карда бо тани ин кӯдакони гули андом
چه کرده با تن این کودکان گلاندام
Дареғу дард каз оғӯши нози афтодам
دریغ و درد کز آغوش ناز افتادم
Ба рӯй хоки мазаллат ба зери банди лӣом
به روی خاک مذلت به زیر بند لئام
Ба пои хори муғелон ба дасти банди ситам
به پای خار مغیلان به دست بند ستم
зи фарқ то қадам аз тозӣонаи нилии фом
ز فرق تا قدم از تازیانه نیلی فام
Бар ваии дасти ту дастон хўшнўо будам
بر وی دست تو دستان خوشنوا بودم
Кунун чаҳ қамарӣ шӯридаам миёнаи дом
کنون چه قمری شوریدهام میانۀ دام
Ба домани ту чаҳ тӯтӣ шикаршикан будам
به دامن تو چه طوطی شکرشکن بودم
Бирехт зоғу зағани заҳри талхами андари ком
بریخت زاغ و زغن زهر تلخم اندر کام
Маро ки ҳоли зи оғози кӯдакӣ ин аст
مرا که حال ز آغاز کودکی این است
Худоӣ донаду бас то чаҳ бошудам анҷом
خدای داند و بس تا چه باشدم انجام
Ҳазор мартабаи бадтари зи шоми мотам буд
هزار مرتبه بدتر ز شام ماتم بود
Барои ғмздгони субҳи иди мардуми шом
برای غمزدگان صبح عید مردم شام
Ба нолаи шрронгизи бонувони ҳиҷоз
به نالۀ شررانگیز بانوان حجاز
Ба нағмаи дафу неи шомёни хӯни ошом
به نغمۀ دف و نی شامیان خونآشام
Сари ту бар сари неи шамъ ва мо чаҳ парвона
سر تو بر سر نی شمع و ما چه پروانه
Ба сӯзу сози зи носозгории айём
به سوز و ساز ز ناسازگاری ایام
Шуданд прдгёни ту шуҳра ҳар шаҳр
شدند پردگیان تو شهرۀ هر شهر
Дареғу дарди зи номӯси хосу маҷлиси ом
دریغ و درد ز ناموس خاص و مجلس عام
Сари бараҳна ба пои истодаи сарвари дайн
سر برهنه به پا ایستاده سرور دین
Язиду тахти зару суфраи қимору мудом
یزید و تخت زر و سفرۀ قمار و مدام
зи гуфтугӯӣ лабат бигузарам ки ҷон ба лаб аст
ز گفتگوی لبت بگذرم که جان به لب است
Ки рости тоби шунидан киро маҷоли калом ?
که راست تاب شنیدن که را مجال کلام؟