Дӯш дар саҳни чаман аз чаҳ сабаби ғавғо буд

دوش در صحن چمن از چه سبب غوغا بود

Магари он сарви чмони ҷилваи кунони онҷо буд

مگر آن سرو چمان جلوه کنان آنجا بود

Ростии сарви чамани ин ҳама ошӯб надошт

راستی سرو چمن این همه آشوب نداشت

Ин қиёмати ҳама аз қомат ӯ барпо буд

این قیامت همه از قامت او برپا بود

Эмин аз ҳодиса ӣ даври фалаки саҳни чаман

ایمن از حادثه ی دور فلک صحن چمن

Лек пари фитнаи зҳнгомаҳ ӣ он боло буд

لیک پر فتنه زهنگامه ی آن بالا بود

Турраашро ба хатои машк хутан хондам дӯш

طرّه اش را به خطا مشک ختن خواندم دوش

Рафт дар тоб ва чу дидеми хато бо мо буд

رفت در تاب و چو دیدیم خطا با ما بود

Дилбари мо ки муҷаррад буд аз қайди макон

دلبر ما که مجرّد بود از قید مکان

Ин аҷаби байн ки ба ҷо ки шудеми онҷо буд

این عجب بین که به جا که شدیم آنجا بود

Ғайри иқрор ба тақсир ба умеди карам

غیر اقرار به تقصیر به امید کرم

Арз ҳар узр ки кардам ҳамаи нозебо буд

عرض هر عذر که کردم همه نازیبا بود

Гуфт дар ҷабҳа ӣ зоҳиди асар тақво нест

گفت در جبهه ی زاهد اثر تقوی نیست

Пери майхона ки бо нури худои бино буд

پیر میخانه که با نور خدا بینا بود

Хуррами он рӯз ки дар соҳати майхонаи маро

خرّم آن روز که در ساحت میخانه مرا

Ба кафии турра ӣ соқӣ , ба кафии мино буд

به کفی طره ی ساقی، به کفی مینا بود

Мо ҳарифони замии ишқи гуҳӣ маст бадем

ما حریفان زمی عشق گهی مست بُدیم

Ки на хмхонаҳу неи соқии неи саҳбо буд

که نه خمخانه و نی ساقی نی صهبا بود

Дӯст ҳақ дошт агар пой чашмам наниҳод

دوست حق داشت اگر پای چشمم ننهاد

Дид каз ашки равон ҳар тарафаши дарё буд

دید کز اشک روان هر طرفش دریا بود

Сархуш аз соғари саршори вилоят чу шудем

سرخوش از ساغر سرشار ولایت چو شدیم

Пери мо хатми русул , соқии мо мавло буд

پیر ما ختم رسل، ساقی ما مولا بود

Шаҷари таври вилоят , алии умронӣ

شجر طور ولایت، علی عمرانی

Ки таҷаллии Рахши роҳ бар Мӯсо буд

که تجلی رخش راه بر موسی بود

Мужда ӣ мақдами ҷонпарвар ӯ дод Масеҳ

مژده ی مقدم جان پرور او داد مسیح

Дами қудсяш аз он рӯй равони бхшо буд

دم قدسیش از آن روی روان بخشا بود

На ҳамин ёри набии бад ки баҳри даври муайян

نه همین یار نبی بُد که بهر دور معین

Анбиёро ҳама аз одам ва то исо буд

انبیا را همه از آدم و تا عیسی بود

Нӯҳро ҳиммат ӯ дод наҷот аз тӯфон

نوح را همت او داد نجات از طوفان

Варна то рӯзи ҷазо , раҳи сипари дарё буд

ورنه تا روز جزا، ره سپر دریا بود

Буд бо Фотима дар бзмгаҳи қурби қарин

بود با فاطمه در بزمگه قُرب قرین

Андари он рӯз ки неи одаму неи ҳавво буд

اندر آن روز که نی آدم و نی حوا بود

Мдҳтши пеша аз он кард дар имрӯз « муҳӣт »

مدحتش پیشه از آن کرد در امروز «محیط»

Каз ваяш чашми шафоати бгаҳи фардо буд

کز ویش چشم شفاعت بگه فردا بود