Гар ба шамшери туами қатл муяссар ме шуд
گر به شمشیر توام قتل میسّر میشد
Умрам аз зиндагии Хизри фузун тар ме шуд
عمرم از زندگی خضر فزونتر میشد
Коши он рӯз ки даврами з ту мекард фалак
کاش آن روز که دورم ز تو میکرد فلک
Рӯзи маҳшар шудаи даври фалакӣ сар ме шуд
روز محشر شده دور فلکی سر میشد
Остин гар нашудӣ сади раҳи сайли сиришк
آستین گر نشدی سدّ ره سیل سرشک
Ҳамчуи кӯии ту ҳама рӯй замин тар ме шуд
همچو کوی تو همه روی زمین تر میشد
Оби чашмонам агар оташи дил ба нишондӣ
آب چشمانم اگر آتش دل به نشاندی
Дӯдам аз фарқи гузашта , ба фалак бар ме шуд
دودم از فرق گذشته، به فلک بر میشد
Дидан рӯй туро , муддати айём кам аст
دیدن روی ترا، مدت ایام کم است
Коши афзӯда бар он муддат дигар ме шуд
کاش افزوده بر آن مدت دیگر میشد
Хуррами он рӯз ки чашми дилу ҷон , чун хуршед
خرم آن روز که چشم دل و جان، چون خورشید
Аз фурӯғи ма рӯй ту , мунаввар ме шуд
از فروغ مه روی تو، منور میشد
намезадам бӯсаи мукаррар ба лаби нўшинт
میزدم بوسه مکرر به لب نوشینت
Ҳар замонами ҳаваси қанд , мукаррар ме шуд
هر زمانم هوس قند، مکرر میشد
Манзари дидаи заҳри сӯи гулу сунбул будӣ
منظر دیده زهر سو گل و سنبل بودی
Чун хаёли руху зулфи ту , мусаввир ме шуд
چون خیال رخ و زلف تو، مصور میشد
Раги хӯнами зи дил ва дида гушӯдӣ ғами ҳиҷр
رگ خونم ز دل و دیده گشودی غم هجر
Бетуам ҳар мижа дар дида , чу ханҷар ме шуд
بیتوام هر مژه در دیده، چو خنجر میشد
Аз фироқи қад чун сарву рух чун моҳат
از فراق قد چون سرو و رخ چون ماهت
Рашки ҷӯи дидау дили ғайрат озар ме шуд
رشک جو دیده و دل غیرت آذر میشد
Ҷӯии хӯн буд ки аз дида ба домон ме рафт
جوی خون بود که از دیده به دامان میرفت
Дӯди дил буд ки аз сар ба фалак бар ме шуд
دود دل بود که از سر به فلک بر میشد
Ҷон ба шукронаи нисор қидмат ме кардам
جان به شکرانه نثار قدمت میکردم
Гар висоли ту бад-ӣни кор , муяссар ме шуд
گر وصال تو بدین کار، میسر میشد
Чун дами марги ҷамоли шаҳи мардони байнам
چون دم مرگ جمال شه مردان بینم
Кошкӣ зӯдтарами марг , муяссар ме шуд
کاشکی زودترم مرگ، میسر میشد
Аз паии мадҳат ӯ , муддати айём кам аст
از پی مدحت او، مدت ایام کم است
Коши афзӯда бар он муддат дигар ме шуд
کاش افزوده بر آن مدت دیگر میشد