Мудоми фитна аз он чашми маст май резад
مدام فتنه از آن چشم مست میریزد
Вале ба ҷони ман май параст май резад
ولی به جان من میپرست میریزد
Нигор ман чу нишнид ба базм ва бархезад
نگار من چو نشنید به بزم و برخیزد
Балоу фитнаи зи болоу паст май резад
بلا و فتنه ز بالا و پست میریزد
Мудоми хӯни ҷигар , ҷои ашк аз дида
مدام خون جگر، جای اشک از دیده
Ба лаъли нӯши ту дил , ҳаркии баст май резад
به لعل نوش تو دل، هرکه بست میریزد
Гар аз шикастаи дилами рехт чун аҷаб набӯд
گر از شکسته دلم ریخت چون عجب نبود
Ки бодаи соғари он , чун шикаст май резад
که باده ساغر آن، چون شکست میریزد
Ба дом фурсатат уфтад чу хасм , хунаши рез
به دام فرصتت افتد چو خصم، خونش ریز
Ки хӯни тугар , азин доми ҷуст май резад
که خون تو گر، ازین دام جست میریزد
Ба дӯши бори балое ки ҷон ман дорад
به دوش بار بلایی که جان من دارد
зи қайди ин тани хокӣ чу раст , май резад
ز قید این تن خاکی چو رست، میریزد
Ба тири ғамзаи ту , онро ки май зании сарви ҷон
به تیر غمزه تو، آن را که میزنی سرو جان
Ба мақдамати зи паии нози шаст май резад
به مقدمت ز پی ناز شست میریزد
Мудоми соқии кавсар , ба соғари дили ман
مدام ساقی کوثر، به ساغر دل من
Май вилояти худ , аз аласт май резад
می ولایت خود، از الست میریزد
Алии зўолнъм ки файзу ато
علی ذوالنعم که فیض و عطا
Ғуломи дарга ӯро , зи даст май резад
غلام درگه او را، ز دست میریزد
Паноҳи хастаи дилони шоҳи род , Носири дайн
پناه خستهدلان شاه راد، ناصر دین
Ки хӯни ҳаркии дил халқ хаст , май резад
که خون هرکه دل خلق خَست، میریزد