Манам ки шуҳра ба саргаштагӣ ба ҳар кӯем
منم که شهره به سرگشتگی به هر کویم
Фитода дар хами чавгони ишқ , чун гӯям
فتاده در خم چوگان عشق، چون گویم
Ҳавои гулшани фирдавси барда аз хотир
هوای گلشن فردوس برده از خاطر
Насими рӯҳи Фзо , хоки он сар кӯем
نسیم روح فزا، خاک آن سر کویم
Чунон зи хеш тиҳӣ гаштаам , зи ҷонони пар
چنان ز خویش تهی گشته ام، ز جانان پر
Кигар зи пӯсти броими тамом худ ӯем
که گر ز پوست برآیم تمام خود اویم
Аҷаби мадор агар машк буи шуд нафасам
عجب مدار اگر مشک بوی شد نَفَسم
Ки ҳамдами сари он зулф анбарин бӯем
که همدم سر آن زلف عنبرین بویم
Ҳазор силсила бигусастаам зи шӯри ҷунун
هزار سلسله بگسسته ام ز شور جنون
Аз он замон ки гирифтор , тор он мӯем
از آن زمان که گرفتار، تار آن مویم
Ба сӯии хеши кашами рӯзгори рафтаи зи даст
به سوی خویش کشم روزگار رفته ز دست
Агар ба чанг фитад он каманд гесуем
اگر به چنگ فتد آن کمند گیسویم
Ба рағми он гуҳ занад тибқи ишқи зери гилӣм
به رغم آن گه زند طبق عشق زیر گلیم
Ҳадиси ҳасани ту бар бом арш ме гӯям
حدیث حسن تو بر بام عرش می گویم
Даруни синаи дилам аз тараб ба рақс ояд
درون سینه دلم از طرب به رقص آید
Дар он замон ки бинишастае ба паҳлуем
در آن زمان که بنشسته ای به پهلویم
Туро ба теғ чаҳ ҳоҷат барои куштани ман
ترا به تیغ چه حاجت برای کشتن من
Ки худ ҳалок кунад , он кашида абрӯем
که خود هلاک کند، آن کشیده ابرویم
Марои зи пои ниФкндаҳ низ бардаи зи даст
مرا ز پای نیفکنده نیز برده ز دست
Сипеди соиди он шӯх сахт бозуем
سپید ساعد آن شوخ سخت بازویم
зи бас ба рӯз фироқат гиристам бигирифт
ز بس به روز فراقت گریستم بگرفت
Тамом рӯй заминро сиришк чун ҷӯям
تمام روی زمین را سرشک چون جویم
Ҳазор бори гарми ҳам чу ток сар бизанӣ
هزار بار گَرَم هم چو تاک سر بزنی
зи шавқи теғи ту бор дигар ҳаме рӯем
ز شوق تیغ تو بار دگر همی رویم
Агар пиёла гирифтам маломатам макунед
اگر پیاله گرفتم ملامتم مکنید
Ба бодаи ранги риёро з хирқа ме шавем
به باده رنگ ریا را ز خرقه می شویم
Ҳўолтм ба май нобу лаъл ёр кунад
حوالتم به می ناب و لعل یار کند
Алоҷи дарди дили худ з ҳар ки ме ҷӯям
علاج درد دل خود ز هر که می جویم
зи файзи хок дар Муҷтабои шаҳи кунин
ز فیض خاک در مجتبی شه کونین
Ба об Хизр занад таъна назм некӯем
به آب خضر زند طعنه نظم نیکویم
Вале эзади яктои дувуми эмоми ҳасан
ولی ایزد یکتا دوم امام حسن
Ки ҳаст мадҳат ӯ табъу одат ва хуем
که هست مدحت او طبع و عادت و خویم
Гарм ба теғ занад аз дараш нтобам рух
گرم به تیغ زند از درش نتابم رخ
Ки файз ӯ дар давлати кушода бар рӯем
که فیض او در دولت گشاده بر رویم
Ба ҳар куҷо ки рӯм , рӯй дил ба ҷониб ӯст
به هر کجا که روم، روی دل به جانب اوست
Ки нест дидаи умед аз дигар сӯем
که نیست دیدهٔ امّید از دگر سویم
Чу дастбурди сипеҳрами зи пои برارد , маро
چو دستبرد سپهرم ز پا برآرد، مرا
Тариқи бндгишро ба сари ҳамеи пўим
طریق بندگیش را به سر همی پویم
Маро ба рӯзи қиёмат « муҳӣт » фахру шараф
مرا به روز قیامت «محیط» فخر و شرف
Ҳамин басаст ки маддоҳ ҳазрат ӯем
همین بس است که مدّاح حضرت اویم