Оби Хизр аз лаби лаъли ту на ман ҷӯяму бас

آب خضر از لب لعل تو نه من جویم و بس

Чун Сикандари талабади чашмаи ҳайвони ҳамаи кас

چون سکندر طلبد چشمهٔ حیوان همه کس

Хати озодӣу маншур сарафрозӣ ёфт

خط آزادی و منشور سرافرازی یافت

Сарв то бандагии қади туро кард ҳавас

سرو تا بندگی قد تو را کرد هوس

Дар хами зулфи ту мурғи дили девонаи асир

در خم زلف تو مرغ دل دیوانه اسیر

Ҳам чу дуздӣ ки шавад баста ба занҷири асас

هم چو دزدی که شود بسته به زنجیر عسس

Тпд аз ҳиҷри гул рӯй ту дар синаи дилам

طپد از هجر گل روی تو در سینه دلم

Булбули оре чаҳ кунад ғайри тпидн , ба қафас

بلبل آری چه کند غیر طپیدن، به قفس

Ёр дар маҳмилу мурғи дилам аз сӯзи наво

یار در محمل و مرغ دلم از سوز نوا

Шӯр дар қофилаи афканд , ба оҳанги ҷарас

شور در قافله افکند، به آهنگ جرس

Шаб васл аст макун замзамае мурғи саҳар

شب وصل است مکن زمزمه ای مرغ سحر

Ту ҳам эй субҳи худоро , макаш аз синаи қафас

تو هم ای صبح خدا را، مکش از سینه قفس

Май фурушади лаби ширини ту шукр , лекин

می فروشد لب شیرین تو شکر، لیکن

Роҳ бар муштарӣони баста , рақибон чу магас

راه بر مشتریان بسته، رقیبان چو مگس

Гар ба ганҷур ту нолад фарзин

گر به گنجور تو نالد فرزین

Шотираши ҳалқа ба гӯшт кунад аз наъли фарс

شاطرش حلقه به گوشت کند از نعل فرس

Хоссаи домоди малик , дӯсти Муҳамад ки ҷаҳон

خاصه داماد ملک، دوست محمد که جهان

Буд андари назари ҳиммат ӯ кам зи адас

بود اندر نظر همت او کم ز عدس