Ёд оядам чу меҳнати айёми сахти хеш

یاد آیدم چو محنت ایام سخت خویش

Бар тани дирам чу мардуми девонаи рахти хеш

بر تن درم چو مردم دیوانه رخت خویش

Бемори дарди ҳиҷраму маргам буд табиб

بیمار درد هجرم و مرگم بود طبیب

Дорам давои зхўни дили лухти лухти хеш

دارم دوا زخون دل لخت لخت خویش

Пашмин кулоҳи хеш ба султон наме даҳум

پشمین کلاه خویش به سلطان نمی دهم

Гар фии алмисл иваз диҳадам , тоҷу тахти хеш

گر فی المثل عوض دهدم، تاج و تخت خویش

Шоҳӣ ки ҷаври пешаи намояд ҳаме занад

شاهی که جور پیشه نماید همی زند

Бо дасти хеши теша ба пои дарахти хеш

با دست خویش تیشه به پای درخت خویش

То шуд санои ол алӣ рӯзем « муҳӣт »

تا شد ثنای آل علی روزیم «محیط»

Мамнӯн шудам зтолъи масъӯду бахти хеш

ممنون شدم زطالع مسعود و بخت خویش