зи паргори фалаки нақшӣ ба рӯй кор ме ояд

ز پرگار فلک نقشی به روی کار می‌آید

Казу корӣ ба ёди давр бепаргор ме ояд

کزو کاری به یاد دور بی‌پرگار می‌آید

Ҷаҳони олии бноӣӣ май наад каз иртифоъи он

جهان عالی بنائی می‌نهد کز ارتفاع آن

Асоси қӯти шоҳӣ ба пой кор ме ояд

اساس قوت شاهی به پای کار می‌آید

Чу нақди меҳр инак май дӯд дар машриқу мағриб

چو نقد مهر اینک می‌دود در مشرق و مغرب

Дар ин доролъёри он зар ки пар меъёр ме ояд

در این دارالعیار آن زر که پر معیار می‌آید

Саворӣ мекунад зини Рахши ноҳамвори даврон ро

سواری می‌کند زین رخش ناهموار دوران را

Ки аз даҳшати бзири рон ӯ ҳамвор ме ояд

که از دهشت بزیر ران او هموار می‌آید

Ҳумоюни гулбунӣ сар мекашад зини гулистон казуӣ

همایون گلبنی سر می‌کشد زین گلستان کزوی

Ба дасти дӯсти гул дар чашми душман хор ме ояд

به دست دوست گل در چشم دشمن خار می‌آید

Дар ойини бандии Мисри дили аФзоӣид каз канъон

در آیین بندی مصر دل افزائید کز کنعان

Нўоӣини Юсуфии дигар ба ин бозор ме ояд

نوآئین یوسفی دیگر به این بازار می‌آید

зи боғи подшоҳии сад ниҳол омад ба бор аммо

ز باغ پادشاهی صد نهال آمد به بار اما

Ба бори ин бори заррини нахли гавҳар бор ме ояд

به بار این بار زرین نخل گوهر بار می‌آید

Шаҳи шҳзодаҳҳои даҳри султони Ҳамзаи ғозӣ

شه شهزاده‌های دهر سلطان حمزه غازی

Ки бахташро зи тоҷу тахти касрӣ ор ме ояд

که بختش را ز تاج و تخت کسری عار می‌آید

Ба ҳар ҷо май наад по бар замин дар гӯши иқболаш

به هر جا می‌نهد پا بر زمین در گوش اقبالش

Мубораки боди шоҳӣ аз дар ва девор ме ояд

مبارک باد شاهی از در و دیوار می‌آید

Ба боми бори гоҳ ӯ ба тақрйви кашки дорӣ

به بام بار گاه او به تقریب کشک داری

Қамар ҳар шаби фурӯзин гунбад даввор ме ояд

قمر هر شب فروزین گنبد دوار می‌آید

Ба унвони тақозои давлати пари савлати шоҳӣ

به عنوان تقاضا دولت پر صولت شاهی

Ба пои хеши рӯзии брдрш садбор ме ояд

به پای خویش روزی بردرش صدبار می‌آید

Аннани Рахш агар то бади зи ҷўлонгаҳи сӯии бустон

عنان رخش اگر تا بد ز جولانگه سوی بستان

зи шавқи андари рикобаши сарв дар рафтор ме ояд

ز شوق اندر رکابش سرو در رفتار می‌آید

Сабк вазнаст санги подшоҳӣ дар тарозуяш

سبک وزن است سنگ پادشاهی در ترازویش

Ки дар чашм киёст баси гарон миқдор ме ояд

که در چشم کیاست بس گران مقدار می‌آید

Ба малики хасм ҳоло меравад овозаи теғаш

به ملک خصم حالا می‌رود آوازهٔ تیغش

Чўбонги сайли шаҳрошӯб каз кӯҳсор ме ояд

چوبانگ سیل شهرآشوب کز کوهسار می‌آید

Ҷаҳони бодо ба ӯ нозон ки дар бадви ҷаҳонгирӣ

جهان بادا به او نازان که در بدو جهانگیری

Зари зи маши буии разми ҳайдар каррор ме ояд

زر ز مش بوی رزم حیدر کرار می‌آید

Ду пайкар мекунад дар як нафаси сад кӯҳи пикрро

دو پیکر می‌کند در یک نفس صد کوه پیکررا

Чу бо шамшер барон бар сар пайкор ме ояд

چو با شمشیر بران بر سر پیکار می‌آید

Ба саҳмии фард ва якто мешавад тавсани савор акнӯн

به سهمی فرد و یکتا می‌شود توسن سوار اکنون

Ки бар ваии офарин аз воҳид қаҳҳор ме ояд

که بر وی آفرین از واحد قهار می‌آید

Агар бошад ҳисори чори рукни олам аз оҳан

اگر باشد حصار چار رکن عالم از آهن

Ба дасти фатҳи он гетии ситон ночор ме ояд

به دست فتح آن گیتی‌ستان ناچار می‌آید

Амли пои зуҳӯраш дар миён оварда коғаз ро

امل پای ظهورش در میان آورده کاغذ را

Муроди андари канори орзӯ душвор ме ояд

مراد اندر کنار آرزو دشوار می‌آید

Дар истиқболи аҳдаши вақтро саъйаст рӯзафзӯн

در استقبال عهدش وقت را سعیست روزافزون

Ки аз суръат ба даҳри имсол беш аз пор ме ояд

که از سرعت به دهر امسال بیش از پار می‌آید

зи вай эй даҳр эмин бош дар солории олам

ز وی ای دهر ایمن باش در سالاری عالم

Кзўолҳоли кори сад ҷаҳон солор ме ояд

کزوالحال کار صد جهان سالار می‌آید

Ҳилолӣ мешавад пайдо ба зери домани гардун

هلالی می‌شود پیدا به زیر دامن گردون

Чу бо чатри шаҳаншоҳии сулаймон вор ме ояд

چو با چتر شهنشاهی سلیمان وار می‌آید

Вале тобони ҳилолии коФтоби андари ҷавори он

ولی تابان هلالی کافتاب اندر جوار آن

Ба сад заъфи сҳо дар дида пиндор ме ояд

به صد ضعف سها در دیدهٔ پندار می‌آید

Дар ойини ҷҳондории азин хиради бузурги ойин

در آئین جهانداری ازین خرد بزرگ آئین

Зиёд аз сад ҷаму дороу касрӣ корӣ ме ояд

زیاد از صد جم و دارا و کسری کاری می‌آید

Дар офоқи он чаҳ абри даст ӯ брхлқ май борад

در آفاق آن چه ابر دست او برخلق می‌بارد

Ҳисоб он задаст холиқ ҷаббор ме ояд

حساب آن زدست خالق جبار می‌آید

Агар сад баҳри эҳсони муҳташами ман баъд аз ҳар сӯ

اگر صد بحر احسان محتشم من بعد از هر سو

Ба ҷунбиши баҳри байъи гавҳар ашъор ме ояд

به جنبش بهر بیع گوهر اشعار می‌آید

Ту аз ҳиммати боби лутфи ин шҳзоди лаб тар кун

تو از همت باب لطف این شهزاد لب تر کن

Каз анҳори нўолши баҳр дар зинҳор ме ояд

کز انهار نوالش بحر در زنهار می‌آید

Ба муддат гарчи шуд сӣ сол каз назд шаҳаншоҳон

به مدت گرچه شد سی‌سال کز نزد شهنشاهان

Барояти нақду ҷинс аз андак ва бисёр ме ояд

برایت نقد و جنس از اندک و بسیار می‌آید

Бишорати боди коиндм рӯй дрбхшндаҳ эй дорӣ

بشارت باد کایندم روی دربخشنده‌ای داری

Ки ораш аз атои дарҳам ва динор ме ояд

که عارش از عطای درهم و دینار می‌آید

Зарӣу хлътӣ ҳрбор меомад тамошо кун

زری و خلعتی هربار می‌آمد تماشا کن

Ки чун бо халъати зари асби зин анбор ме ояд

که چون با خلعت زر اسب زین انبار می‌آید

Ба шоҳон то ба авлоди ҷҳонбони навбати шоҳӣ

به شاهان تا به اولاد جهانبان نوبت شاهی

Мудом аз иқтизои давлат бисёр ме ояд

مدام از اقتضای دولت بسیار می‌آید

Ҳамин шҳзодаҳ то рӯзи ҷазои зеби ҷаҳони бодо

همین شهزاده تا روز جزا زیب جهان بادا

Ки хуши зебанда дар чашм аўлўолобсор ме ояд

که خوش زیبنده در چشم اولوالابصار می‌آید