Рӯза рафт ва омад аз наздики махдуми алоном
روزه رفت و آمد از نزدیک مخدوم الانام
Бар сари ман мушфиқӣ бо идии иди сиём
بر سر من مشفقی با عیدی عید صیام
Ваа чаҳ махдуми он ки ҳаст аз рифъати зоти Карим
وه چه مخدوم آن که هست از رفعت ذات کریم
Сарвари аҳли карами сардору срхили киром
سرور اهل کرم سردار و سرخیل کرام
Ваа чаҳ сари хайли он ки хайли хусравони аср ро
وه چه سر خیل آن که خیل خسروان عصر را
наметавонад дод дар як базми боҳами интизом
میتواند داد در یک بزم باهم انتظام
Ахтари Байзои таҷаллии гавҳари дарии шуъоъ
اختر بیضا تجلی گوهر دری شعاع
Довари дорои таҷаммули волии воломақом
داور دارا تجمل والی والامقام
Кори Фрмоиндаҳи табъаши забони илму ҳалам
کار فرمایندهٔ طبعش زبان علم و حلم
Садаи фарзинаи базмаши ҷабини хосу ом
سده فرزینه بزمش جبین خاص و عام
Чархи аъзамро муқобил қобил дияему гоҳ
چرخ اعظم را مقابل قابل دیهیم و گاه
Шоҳи оламро мусоҳиби соҳиби алқобу ном
شاه عالم را مصاحب صاحب القاب و نام
Рӯзгораш зон Муҳамад хонд кандар на ҳарам
روزگارش زان محمد خواند کاندر نه حرم
намеситояндаш муқӣмони сипеҳр аз эҳтиром
میستایندش مقیمان سپهر از احترام
намезанад монанди Тифли Марям аз эъҷози дам
میزند مانند طفل مریم از اعجاز دم
Ҳарчӣ табъи мубдиъаш май офаринад дар калом
هرچه طبع مبدعش میآفریند در کلام
Нажод зад миёни назми гўӣӣ теғ зад
نژاد زد میان نظم گوئی تیغ زد
Варна чун байни алмсоръ мунқатиъ шуд илтиём
ورنه چون بینالمسارع منقطع شد التیام
Маънӣ каз дил буд чун сайди ваҳшӣ дар гурез
معنی کز دل بود چون صید وحشی در گریز
Хотир ӯро буд чун мурғ даст омӯз ром
خاطر او را بود چون مرغ دست آموز رام
Баҳри аввал бар бақоӣ хеш меларзад ки ҳаст
بحر اول بر بقای خویش میلرزد که هست
Камтарини қоими дасти файёзаши ғмом
کمترین قایم دست فیاضش غمام
Қурси хуршед аз ато май афканди пеши гадо
قرص خورشید از عطا میافکند پیش گدا
Ташти ҳотам чун науфтад дар замон ӯ збом
طشت حاتم چون نیفتد در زمان او زبام
Беталаб чун кард ҷайбу остинами пари дирам
بیطلب چون کرد جیب و آستینم پر درم
Ёфтам кандар карам ҳотам кадомаст ӯ кадом
یافتم کاندر کرم حاتم کدامست او کدام
Мадҳи гуфтан ва он гуҳ аз мамдуҳ ҷустани ҷоиза
مدح گفتن و آن گه از ممدوح جستن جایزه
Нест ҷузи феъл адонӣ нест ҷузи кори лӣом
نیست جز فعل ادانی نیست جز کار لئام
Мадҳ кардан низ гӯш онгаҳ гушӯдани дасти ҷӯад
مدح کردن نیز گوش آنگه گشودن دست جود
Дар ҳақиқат ҳаст савдои дирами бахшяши ном
در حقیقت هست سودای درم بخشیش نام
Бахшиш он бошад ки каси нодидаи шахсеро ба хоб
بخشش آن باشد که کس نادیده شخصی را به خواب
Бахшад аз хоби парешоняши бедории тамом
بخشد از خواب پریشانیش بیداری تمام
Мадҳи гуфтани он чунон аввалӣ ки бе зли тамаъ
مدح گفتن آن چنان اولی که بیذل طمع
Дар сухани марди сухани густари намояди иҳтимом
در سخن مرد سخن گستر نماید اهتمام
Зини ду ҳолати ончӣ аз ман буд худ номад ба феъл
زین دو حالت آنچه از من بود خود نامد به فعل
Вена хиҷолат монад баҳри ман илои явми алқём
وین خجالت ماند بهر من الی یومالقیام
Ва ончӣ зон дарёдили зари бори гўҳрриз буд
و آنچه زان دریادل زر بار گوهرریز بود
Аз вуҷӯд омад ба истимрору идрору давом
از وجود آمد به استمرار و ادرار و دوام
Молики алмалики сухани халлоқи ақволи ҳасан
مالک الملک سخن خلاق اقوال حسن
Сомии алртбти саммии ҷади худ хиролоном
سامی الرتبت سمی جد خود خیرالانام
Пастии мо кирдори тақсири ин феъли иртикоб
پستی ما کردار تقصیر این فعل ارتکاب
Ваон баландӣҳои ҳиммат кард он амри илтизом
وان بلندیهای همت کرد آن امر التزام
эй ба даврони ту давлатро ривоҷи андари ривоҷ
ای به دوران تو دولت را رواج اندر رواج
Вай ба тадбири ту оламро низоми андари низом
وی به تدبیر تو عالم را نظام اندر نظام
Дар азали зайли ҷалолат аз ғубор худ кашид
در ازل ذیل جلالت از غبار خود کشید
Серумаи умедворӣ дар ду чашми эътисом
سرمهٔ امیدواری در دو چشم اعتصام
Дар иборати офарӣнӣ гарна иктоӣӣ чаро
در عبارت آفرینی گرنه یکتائی چرا
Хилқати халлоқу ақволи туро нишост ном
خلقت خلاق و اقوال تو را نشاست نام
Зини шараф кандар бенон ашраф дар ҷунбиш аст
زین شرف کاندر بنان اشرف در جنبش است
То ба зону меравад дар мшги калаки хуши хиром
تا به زانو میرود در مشگ کلک خوشخرام
Каз лаки мижгони худ чашмати буруни оради зи сар
کز لک مژگان خود چشمت برون آرد ز سر
Сӯии бадбӣнат агар бинӣ ба чашми интиқом
سوی بدبینت اگر بینی به چشم انتقام
Дар санояти мӯътарифи гирдам ба аҷзи хештан
در ثنایت معترف گردم به عجز خویشتن
Гарна бо табъи ман иқбол ту ёбад инзимом
گرنه با طبع من اقبال تو یابد انضمام
Срўро беҷаду ҷаҳдӣ аз риёзи лутфи ту
سرورا بیجد و جهدی از ریاض لطف تو
Муҳташамро хӯрд агар буии ътоӣӣ бар машом
محتشم را خورد اگر بوی عطائی بر مشام
Тавқ дар гардани ғуломӣ ҳам шудаш пайдо ки ҳаст
طوق در گردن غلامی هم شدش پیدا که هست
Дар лақаби молики рқоби подшоҳони калом
در لقب مالک رقاب پادشاهان کلام
Ибтидо ба дар дуо акнӯн ки гар саҳараст шеър
ابتدا به در دعا اکنون که گر سحرست شعر
Пеши нозук табъ дорад лиззати томи ахттом
پیش نازک طبع دارد لذت تام اختتام
То сипеҳри перро дар соя бошад офтоб
تا سپهر پیر را در سایه باشد آفتاب
зи ақтсои вазъи даврони солу моҳу субҳу шом
ز اقتصای وضع دوران سال و ماه و صبح و شام
Зилли шоҳи навҷавон бар фарқи фарқади сои ту
ظل شاه نوجوان بر فرق فرقد سای تو
Бод чун зилли ту бар фарқи хилоиқи мустадом
باد چون ظل تو بر فرق خلایق مستدام