Субҳи он ки дошт пеши ту ҷоми шароб ро

صبح آن که داشت پیش تو جام شراب را

Дар оташ аз рухи ту нишонди офтоб ро

در آتش از رخ تو نشاند آفتاب را

Ма низ то фитад зи ту дар баҳри изтироб

مه نیز تا فتد ز تو در بحر اضطراب

Шаби ҷоми гиру брФкн аз рухи ниқоб ро

شب جام‌گیر و برفکن از رخ نقاب را

Мамнӯн соқем ки ба рӯй ту поки сохт

ممنون ساقیم که به روی تو پاک ساخت

Зон оби шуълаи ранги ниқоби ҳиҷоб ро

زان آب شعله رنگ نقاب حجاب را

эй тир ғамза карда ба алмоси хашми тез

ای تیر غمزه کرده به الماس خشم تیز

Дарёб ним куштаи заҳри итоб ро

دریاب نیم کشته زهر عتاب را

Аз ҳам сару тану дил ва ҷон мебаранд ва нест

از هم سر و تن و دل و جان می‌برند و نیست

Ҷузи лашгари ғамати сабаби инқилоб ро

جز لشگر غمت سبب انقلاب را

Дар ман фиканд дидан ӯ ларзаи вой агар

در من فکند دیدن او لرزه وای اگر

Донад ки чист воситаи изтироб ро

داند که چیست واسطهٔ اضطراب را

Дидеми чашми ҷодӯии он маи шабӣ ба хоб

دیدیم چشم جادوی آن مه شبی به خواب

Аммо дигар ба чашм надидем хоб ро

اما دگر به چشم ندیدیم خواب را

Дар гарму сарди малики нкўӣии фиғон ки нест

در گرم و سرد ملک نکوئی فغان که نیست

Қадре дили пуроташу чашми пари об ро

قدری دل پرآتش و چشم پر آب را

ӯ мешавад савору дили муҳташами тпон

او می‌شود سوار و دل محتشم طپان

Кӯи прдлӣ ки ояд ва гирад рикоб ро

کو پردلی که آید و گیرد رکاب را