Ҳаркас накард тарки сар аз аҳл дард нест
هرکس نکرد ترک سر از اهل درد نیست
Дар пои дӯст ҳар ки нашуд кушта мард нест
در پای دوست هر که نشد کشتهٔ مرد نیست
Носеҳи мӯри зи меҳру ғами дард мо махӯр
ناصح مور ز مهر و غم درد ما مخور
Мо ошиқем ва дар хури мо ғайр дард нест
ما عاشقیم و در خور ما غیر درد نیست
Май резам аз ду дида ба ёди ту ашки гарм
میریزم از دو دیده به یاد تو اشک گرم
Шабҳо ки ҳамдамам ба ҷузи оҳ сард нест
شبها که همدمم به جز آه سرد نیست
Бар даргаат ки нақди ду олам нисор ӯст
بر درگهت که نقد دو عالم نثار اوست
Моро зи инфеъол ба ҷуз рӯй зард нест
ما را ز انفعال به جز روی زرد نیست
Ҷамъанд ваҳшёни ҳама бар ман ҳамин дил аст
جمعند وحشیان همه بر من همین دل است
Он ваҳшӣ ки бо ман сҳронўрд нест
آن وحشی که با من صحرانورد نیست
Тӯҳмати каши висолам ва дар гирди кӯии ту
تهمت کش وصالم و در گرد کوی تو
Ҷузи гирди кӯчаи баҳри ман кӯча гирд нест
جز گرد کوچه بهر من کوچه گرد نیست
Ҳарчанд дили рафиқи ғаму дард ва меҳнат аст
هرچند دل رفیق غم و درد و محنت است
Ҷамъаст хотирам ки ба кӯии ту фард нест
جمعست خاطرم که به کوی تو فرد نیست
Шабҳо ба дӯстон чу хурии бода ёд кун
شبها به دوستان چو خوری باده یاد کن
Аз муҳташам ки як нафасаши хоб ва хӯрд нест
از محتشم که یک نفسش خواب و خورد نیست