Гарчи қурби даргаати ҳади ман маҳҷӯр нест

گرچه قرب درگهت حد من مهجور نیست

Гар ба лутфами гҳгҳии наздики хуоне давр нест

گر به لطفم گهگهی نزدیک خوانی دور نیست

Шамъи маҷлис дар шаби васли ту сӯзади ман зи ҳиҷр

شمع مجلس در شب وصل تو سوزد من ز هجر

Чун насузам кин саодати як шабам мақдӯр нест

چون نسوزم کاین سعادت یک شبم مقدور نیست

Бо ту наздикон намегӯйанд дард даврем

با تو نزدیکان نمی‌گویند درد دوریم

Ореи ореи тндрстонро ғам ранҷур нест

آری آری تندرستان را غم رنجور نیست

Ҳур мегуфтам туро хондӣ саги кӯии худам

حور می‌گفتم تو را خواندی سگ کوی خودم

Саҳв кардам ҷони ман ин мардумӣ дар ҳур нест

سهو کردم جان من این مردمی در حور نیست

Ин ки месозем бар хон ғамат бо талху шӯр

این که می‌سازیم بر خوان غمت با تلخ و شور

Ҷузи гуноҳи толеъи носозу бахт шӯр нест

جز گناه طالع ناساز و بخت شور نیست

Мавкибатро дил чу бо худ май барад эй офтоб

موکبت را دل چو با خود می‌برد ای آفتاب

Тан чаро дар сояи он роят Мансур нест

تن چرا در سایهٔ آن رایت منصور نیست

Муҳташамро муҳташами гардон ба эксири назар

محتشم را محتشم گردان به اکسیر نظر

Кони гадоро чун гадоёни симу зар манзур нест

کان گدا را چون گدایان سیم و زر منظور نیست