Нолаи чандон зи дилами роҳи фалак дӯш гирифт
ناله چندان ز دلم راه فلک دوش گرفت
Ки муаззини саҳар аз нолаи ман гӯш гирифт
که مؤذن سحر از نالهٔ من گوش گرفت
Арши он бори гаронро сабк аз дӯши андохт
عرش آن بار گران را سبک از دوش انداخت
Хок бебок далер омад ва бар дӯш гирифт
خاک بیباک دلیر آمد و بر دوش گرفت
Кард соқии қадаҳии пар ки касаш гирд нагашт
کرد ساقی قدحی پر که کسش گرد نگشت
Охири он ратли гарони ринди қадаҳ нӯш гирифт
آخر آن رطل گران رند قدح نوش گرفت
Оташӣ каз ҳамаи зоҳири назарони пинҳон буд
آتشی کز همهٔ ظاهر نظران پنهان بود
Деги савдои ман аз шуълаи он ҷӯш гирифт
دیگ سودای من از شعلهٔ آن جوش گرفت
Бодаи ишқ аз он пеш ки резанд ба ҷом
بادهٔ عشق از آن پیش که ریزند به جام
Оташ нашаҳ он дар ман мадҳуш гирифт
آتش نشهٔ آن در من مدهوش گرفت
Сари нои гуфтании ишқ фузулӣ ме гуфт
سر نا گفتنی عشق فضولی میگفت
Ақли садбора ба дандони лаб хомӯш гирифт
عقل صدباره به دندان لب خاموش گرفت
Ҳаркас оварад ба кафи домани сарвии зи ҳавас
هرکس آورد به کف دامن سروی ز هوس
Муҳташами домани он сарв қбопўш гирифт
محتشم دامن آن سرو قباپوش گرفت