Дилам аз ғамаш чаҳ гӯям ки раҳ нафас надорад
دلم از غمش چه گویم که ره نفس ندارد
Ғам ӯ намегузорад ки нафас нигаҳ надорад
غم او نمیگذارد که نفس نگه ندارد
Чаҳ зи мазраъи умедами дамад аз ҷафои туркӣ
چه ز مزرع امیدم دمد از جفای ترکی
Ки зи абри алтФотши ҳамаи теғу тири борад
که ز ابر التفاتش همه تیغ و تیر بارد
Тани хеш то супурдам ба сагаши зи ғайрати он
تن خویش تا سپردم به سگش ز غیرت آن
Ки хаданги нимаи кашро нафасӣ нигоҳ дорад
که خدنگ نیمهکش را نفسی نگاه دارد
зи нишастанаш ба масҷид ба раҳи ниёзи зоҳид
ز نشستنش به مسجد به ره نیاز زاهد
Шуда як ҷиҳати намозӣ ба ду қабл ме гузорад
شده یک جهت نمازی به دو قبل میگذارد
Ту ки доғи тира рӯзӣ нашимурдае чаҳ доне
تو که داغ تیره روزی نشمردهای چه دانی
Шаби тори муҳташамро ки ситора май шуморад
شب تار محتشم را که ستاره میشمارد