Чу мумкин нест кони маи посбон маҳфилам созад
چو ممکن نیست کان مه پاسبان محفلم سازد
Бакӯшам то саги дунболаи гир маҳмилам созад
بکوشم تا سگ دنباله گیر محملم سازد
Азу чун парда уфтад бармало аз ман кунад ранҷиш
ازو چون پرده افتد برملا از من کند رنجش
Ки аз ҳамроҳии худ бо рақибон ғофилам созад
که از همراهی خود با رقیبان غافلم سازد
Кунад бар ман ба теғи он бути гунаҳи собит ки ҳар соъат
کند بر من به تیغ آن بت گنه ثابت که هر ساعت
зи бими ҷон ба новоқеъи гуноҳӣ қойилам созад
ز بیم جان به ناواقع گناهی قایلم سازد
зи дили баси розҳои пардагар сар бар занад рӯзӣ
ز دل بس رازهای پرده گر سر بر زند روزی
Ки дили Фрсоӣии бори ҷафои нозук дилам созад
که دل فرسائی بار جفا نازک دلم سازد
зи фаттонӣ ба аимоӣӣ кунад воқифи рақибон ро
ز فتانی به ایمائی کند واقف رقیبان را
Иҷозати даҳ нигоҳаш чун ба абрӯ моилам созад
اجازت ده نگاهش چون به ابرو مایلم سازد
зи хориҷи печишиҳо дар дамам бояд шудани берун
ز خارج پیچشیها در دمم باید شدن بیرون
Дамӣ аз маслиҳат дар базми худгар дохилам созад
دمی از مصلحت در بزم خود گر داخلم سازد
Дарунами муҳташам зон маст кин хоҳад шудани шодон
درونم محتشم زان مست کین خواهد شدن شادان
Вале рӯзӣ ки даври чархи соғар аз гулам созад
ولی روزی که دور چرخ ساغر از گلم سازد