Баъди ҳазор интизори ин фалак бе вафо

بعد هزار انتظار این فلک بی‌وفا

Шаҳд висолам чашонд заҳри фироқ аз қафо

شهد وصالم چشاند، زهر فراق از قفا

Ваа ки з кин мекунад ҳар бадви рӯзами сипеҳр

وه که ز کین می‌کند هر شب و روزم سپهر

Бо ту ба заҳмати қарини вази ту ба ҳасрати ҷудо

با تو به زحمت قرین و از تو به حسرت جدا

Рафтӣ ва меоварад ҷазбаи шавқати зи пай

رفتی و می‌آورد جذبهٔ شوقت ز پی

Хоки маро анқариб ҳамраҳи боди сабо

خاک مرا عن‌قریب همره باد صبا

Бо ту бигӯям ки ҳиҷр бо ман бедил чаҳ кард

با تو بگویم که هجر با من بی‌دل چه کرد

Рӯзии ман гар шавад васли ту рӯзи ҷазо

روزیِ من گر شود وصل تو روز جزا

Шуд ҳамаи ҷо чун шабаҳ бе ту ба чашмами сияҳ

شد همه‌جا چون شبَه بی‌تو به چشمم سیه

Чашми сияҳ рӯй ман дид туро аз куҷо

چشم سیه‌رویِ من، دید تو را از کجا؟

Аз хирадам то абади фикри ту бегона кард

از خرَدم تا ابد فکر تو بیگانه کرد

Ин дили девонаи гашт бо ту куҷои ошно

این دل دیوانه گشت با تو کجا آشنا

Ваа ки зи ҳамроҳяти муҳташам афтода шуд

وه که ز همراهیَت محتشم افتاده شد

Бастаи банди ситами хастаи захми ҷафо

بستهٔ بندِ ستم ،خستهٔ زخم جفا