Маӣ ки шамъи Рахши нури дидаи ман буд

مهی که شمع رخش نور دیدهٔ من بود

з дида рафту марои сӯхти ин чаҳ рафтан буд

ز دیده رفت و مرا سوخت این چه رفتن بود

Марои кушандатарин вартаи маҳали видоъ

مرا کشنده‌ترین ورطهٔ محل وداع

Сршги ронии он сари покдоман буд

سرشگ رانی آن سر پاکدامن بود

Фиканд чашми ҳасудами ҷудои зи дӯст чаҳ дӯст

فکند چشم حسودم جدا ز دوست چه دوست

Яке ки мояи ршги ҳазор душман буд

یکی که مایهٔ رشگ هزار دشمن بود

Кашид рӯз ба шомам чаҳ шоми он ки дарав

کشید روز به شامم چه شام آن که درو

Ситораи саҳари рӯзи марги равшан буд

ستارهٔ سحر روز مرگ روشن بود

Вазиди боди фироқӣ чаҳ боди онкии зи даҳр

وزید باد فراقی چه باد آنکه ز دهر

Барандаи ман бар боди рафтаи хирман буд

برندهٔ من بر باد رفته خرمن بود

Расед сайли Фноӣӣ чаҳ сайли он ки раҳаш

رسید سیل فنائی چه سیل آن که رهش

Ба момни ман маҷнӯни дашти маскан буд

به مامن من مجنون دشت مسکن بود

Баромади абри блоӣӣ чаҳ абри он ки нахуст

برآمد ابر بلائی چه ابر آن که نخست

Тарашшӯҳаши з барои харобии ман буд

ترشحش ز برای خرابی من بود

Чу ёри гарм сафар шуд агарчӣ шамъи сифат

چو یار گرم سفر شد اگرچه شمع صفت

Ба бод мешуд азу ҳар сиррӣ ки бар тан буд

به باد می‌شد ازو هر سری که بر تن بود

Бсухт муҳташами аввал ки аз сипоҳи фироқ

بسوخت محتشم اول که از سپاه فراق

Ситезаи изки андрўии оташи афкан буд

ستیزه یزک اندروی آتش افکن بود