Чу ғофил аз аҷали сайдии сӯй сайёд ме ояд

چو غافل از اجل صیدی سوی صیاد می‌آید

Нахустин рафтани хешам дар он кӯ ёд ме ояд

نخستین رفتن خویشم در آن کو یاد می‌آید

Ман пои бастаи рӯзи ваъдаи ?ути он музтариби сайдам

من پا بسته روز وعده‌ات آن مضطرب صیدم

Ки худро май кашам дар қайд то сайёд ме ояд

که خود را می‌کشم در قید تا صیاد می‌آید

Агар дигар мухотаб нестам пешаш чаро қосид

اگر دیگر مخاطب نیستم پیشش چرا قاصد

Ҷавоб номаам май орад ва ношод ме ояд

جواب نامه‌ام می‌آرد و ناشاد می‌آید

Ба хӯни рези ман мискин чу фармон додае борӣ

به خون ریز من مسکین چو فرمان داده‌ای باری

Васият мекун аз ман гӯш то ҷаллод ме ояд

وصیت میکن از من گوش تا جلاد می‌آید

Батонро ҳаст ҷониби дории пинҳон ки хусрав ро

بتان را هست جانب داری پنهان که خسرو را

Ба он ғолиби ҳарифии рашк бар Фарҳод ме ояд

به آن غالب حریفی رشک بر فرهاد می‌آید

Далели иттиҳоди ин бас ки хӯни мирондози маҷнӯн

دلیل اتحاد این بس که خون میرانداز مجنون

Ба дасти Лайлии он нешӣ ки аз фасод ме ояд

به دست لیلی آن نیشی که از فساد می‌آید

Дили хомаш забонам карда фурқати номае иншо

دل خامش زبانم کرده فرقت نامه‌ای انشا

Ки ҳргаҳ менивисам хома дар фарёд ме ояд

که هرگه می‌نویسم خامه در فریاد می‌آید

Бибин эй панди гўоаҳи ман ва бар маҷмаъи дигар

ببین ای پند گوآه من و بر مجمع دیگر

Чароғи хеш равшан кун ки ӣнҷо бод ме ояд

چراغ خویش روشن کن که اینجا باد می‌آید

Чунон меояд аз дили оҳи сарди муҳташами сӯзон

چنان می‌آید از دل آه سرد محتشم سوزان

Ки пиндории зи роҳи кӯра ҳаддод ме ояд

که پنداری ز راه کوره حداد می‌آید