Ба марг кӯҳ кун каз ваии алмҳо ёд ме ояд

به مرگ کوه کن کَز وِی المها یاد می‌آید

Ҳануз аз кӯҳ то дам мезанӣ фарёд ме ояд

هنوز از کوه تا دم میزنی فریاد می‌آید

Ҳамоно дар камоли ишқи нақсӣ буд маҷнӯн ро

همانا در کمال عشق نقصی بود مجنون را

Ки номаш бар забонҳо камтар аз Фарҳод ме ояд

که نامش بر زبانها کمتر از فرهاد می‌آید

Бади мангар ба гӯшт хуш намеояд чаҳ сарост ин

بد من گر به گوشت خوش نمی‌آید چه سراست این

Ки бади гӯии ман аз кӯии ту доим шод ме ояд

که بد گوی من از کوی تو دایم شاد می‌آید

Чаҳ бедодаст ин биншин ва рсўоӣӣ макун каз ту

چه بیداد است این بنشین و رسوائی مکن کز تو

Агар бедод меояд зи ман ҳам дод ме ояд

اگر بیداد می‌آید ز من هم داد می‌آید

Азин ба фикр корам кун ки дар домати ман он сайдам

ازین به فکر کارم کن که در دامت من آن صیدم

Ки худро мекунам озод то сайёд ме ояд

که خود را می‌کنم آزاد تا صیاد می‌آید

Сазоӣ ҳарчӣ дай дар базм кардам имшабам додӣ

سزای هرچه دی در بزم کردم امشبم دادی

Туро чун як як аз ҳолоти мастӣ ёд ме ояд

تو را چون یک یک از حالات مستی یاد می‌آید

Ба манъи муддаии зини базм беҳосил забон магушо

به منع مدعی زین بزم بی حاصل زبان مگشا

Ки ин кор аз забони ханҷар ҷаллод ме ояд

که این کار از زبان خنجر جلاد می‌آید

Сагаши сад даст ва по зад то ба онкўи барад бо хешам

سگش صد دست و پا زد تا به آنکو برد با خویشم

Хуши он ёрӣ ки аз ваии ин қадар имдод ме ояд

خوش آن یاری که از وی این قدر امداد می‌آید

Чу бедод ояд аз ваии муҳташами дилро бишорати даҳ

چو بیداد آید از وی محتشم دل را بشارت ده

Ки хубонро ба дили раҳмии пас аз бедод ме ояд

که خوبان را به دل رحمی پس از بیداد می‌آید