Лашгари ишқат сиёҳӣ мекунад аз даври боз

لشگر عشقت سیاهی می‌کند از دور باز

Вой бар ман каз саломат мешавам маҳҷӯри боз

وای بر من کز سلامت می‌شوم مهجور باز

Бршксти хайли тоқати даҳ қарор эй дил ки кард

برشکست خیل طاقت ده قرار ای دل که کرد

Подшоҳи ишқи барпои рояти Мансури боз

پادشاه عشق برپا رایت منصور باز

То ба ҷои нӯши боради неш бар мо хокён

تا به جای نوش بارد نیش بر ما خاکیان

Фитнаи муштӣ хок зад бар хонаи занбӯри боз

فتنه مشتی خاک زد بر خانهٔ زنبور باز

Ман ки бо худ барда будам шӯр аз майдони ишқ

من که با خود برده بودم شور از میدان عشق

Омадам инак ки майдонро кунам пуршӯри боз

آمدم اینک که میدان را کنم پرشور باز

Гарчи ҳасани лнтароне басти роҳи орзӯ

گرچه حسن لن‌ترانی بست راه آرزو

Ман ҳамон сяти талаб май афканам дар таври боз

من همان صیت طلب می‌افکنم در طور باز

Пои кӯбон бар фарози бесутуни ишқи ту

پای کوبان بر فراز بیستون عشق تو

Кӯҳ кунро ларза меандозам андари гӯри боз

کوه کن را لرزه می‌اندازم اندر گور باز

Ваа ки дар бозори рсўоӣии ишқи пардаи сӯз

وه که در بازار رسوائی عشق پرده سوز

Шоҳидон аз бодаи нобанди номастури боз

شاهدان از باده نابند نامستور باز

Дар барафкан дигар эй дили ҷавшани тоқат ки нест

در برافکن دیگر ای دل جوشن طاقت که نیست

Аз камӣн бар ман кмонкши бозуии пурзӯри боз

از کمین بر من کمانکش بازوی پرزور باز

Зон хати нави хез бар хайли сулаймони хирад

زان خط نو خیز بر خیل سلیمان خرد

Хуш шикастӣ хоҳад овардани сипоҳи мӯри боз

خوش شکستی خواهد آوردن سپاه مور باز

Гар чунин хоҳад намӯдани кавкаби ишқами тулӯъ

گر چنین خواهد نمودن کوکب عشقم طلوع

Малики дилро сурба сар хоҳад гирифтани нури боз

ملک دل را سربه سر خواهد گرفتن نور باز

Бо ваҷди фақр аз иқболи ишқаши муҳташам

با وجد فقر از اقبال عشقش محتشم

Чанд рӯзӣ фахр хоҳад кард бар ҷумҳӯри боз

چند روزی فخر خواهد کرد بر جمهور باز