зи лолаи зори маро бе ҷамоли дили навоз чаҳ файз

ز لاله‌زار مرا بی‌جمال دل نواز چه فیض

зи ҷом май лаби соқии гули изор чаҳ ҳазз

ز جام می لب ساقی گل عذار چه حظ

Дар анҷуман ки набошад мғнии гули рух

در انجمن که نباشد مغنی گل رخ

зи савти фохтау нағмаи ҳазор чаҳ ҳазз

ز صوت فاخته و نغمهٔ هزار چه حظ

Шикор то шуда дилҳои бемуҳаббат ро

شکار تا شده دلهای بی محبت را

зи тири ғамзаи хубони ҷони шикор чаҳ ҳазз

ز تیر غمزهٔ خوبان جان شکار چه حظ

Чу нест дар назари он гул ки навбаҳор ман аст

چو نیست در نظر آن گل که نوبهار من است

Марои зи боғ чаҳ ҳосили зи навбаҳор чаҳ ҳазз

مرا ز باغ چه حاصل ز نوبهار چه حظ

Ғарази мушоҳида ҳасан туаст аз хубон

غرض مشاهده حسن توست از خوبان

Вагар бе ту зи хубони рӯзгор чаҳ ҳазз

وگر بی‌تو ز خوبان روزگار چه حظ

Дарин диёри дили муҳташам хушаст ба ёр

درین دیار دل محتشم خوش است به یار

Гуҳӣ ки ёр набошад дарин диёр чаҳ ҳазз

گهی که یار نباشد درین دیار چه حظ