Он ки буд аз ту ба як ҳарфи забонии қонеъ
آن که بود از تو به یک حرف زبانی قانع
Ин замон нест ба сад лутф наоне қонеъ
این زمان نیست به صد لطف نهانی قانع
Ғайр каз мурдаи лон буд ба як пурсиши ту
غیر کز مرده لان بود به یک پرسش تو
Нест акнӯн ба ҳаёти ду ҷаҳонии қонеъ
نیست اکنون به حیات دو جهانی قانع
Абри лутфи ту ба сайлоби ҷаҳонии машғӯл
ابر لطف تو به سیلاب جهانی مشغول
Лаби ман ташнаи бики қатраи Чехияонеи қонеъ
لب من تشنه بیک قطره چکانی قانع
Гар ба ширини суханӣ хуш накунӣ коми рақиб
گر به شیرین سخنی خوش نکنی کام رقیب
намешавам аз ту ба ин талхи забонии қонеъ
میشوم از تو به این تلخ زبانی قانع
Ним захмӣ ба ҷигар дорам ва донам ки ба он
نیم زخمی به جگر دارم و دانم که به آن
Нашавад ёр ба ин сахт камоне қонеъ
نشود یار به این سخت کمانی قانع
Пеши он шоҳи ҷаҳони гири бимирами сад бор
پیش آن شاه جهانگیر بمیرم صد بار
Ки гдоӣист ба як кулбаи сетонеи қонеъ
که گدائیست به یک کلبه ستانی قانع
Ғайрро сохт ба як ояти раҳмати зинда
غیر را ساخت به یک آیت رحمت زنده
Муҳташами мард ба як фотиҳаи хуонеи қонеъ
محتشم مرد به یک فاتحه خوانی قانع