Фармуд марои саҷдаи хеши он бути раъно

فرمود مرا سجدهٔ خویش آن بت رعنا

Дар саҷда фитодам ки смънои вотъно

در سجده فتادم که سمعنا واطعنا

Мо дахл ба худ дар медидор нигарадем

ما دخل به خود در می‌دیدار نگردیم

Мо ҳали ?лаи шорънои фӣаи шръно

ما حل له شارعنا فیه شرعنا

Будем зи заррот ба хуршеди Рахши не

بودیم ز ذرات به خورشید رخش نی

АлФръи рӣинои волии аласли рҷъно

الفرع رئینا والی الاصل رجعنا

Рӯзӣ ки дил аз айни таъаллуқ ба ту бастем

روزی که دل از عین تعلق به تو بستیم

Ман ғайрики ёқраҳи Айнӣу қтъно

من غیرک یاقرة عینی و قطعنا

Дар зорем аз заъфи амали пеши ту сад раҳ

در زاریم از ضعف عمل پیش تو صد ره

Заъфи алФрғи алокбр ва ёрб Фзъно

ضعف الفرغ الاکبر و یارب فزعنا

Дар дори шифояти маразӣ дафъ накардем

در دار شفایت مرضی دفع نکردیم

Локини Касали алрўҳи ман алрўҳу қъно

لکن کسل الروح من الروح و قعنا

Гар муҳташам аз ғами илми айн нигун кард

گر محتشم از غم علم عین نگون کرد

Анои илми албҳҷаҳи балетами рФъно

انا علم البهجة بالهم رفعنا