Гар по наҳй зи лутф ба меҳмонсарои дил
گر پا نهی ز لطف به مهمانسرای دل
Пеши ту ҷон ба пешкаши орм чаҳ ҷои дил
پیش تو جان به پیشکش آرم چه جای دل
Баҳри гузор карданат аз ғурфаҳои чашм
بهر گذار کردنت از غرفههای چشم
Дарҳо кушода бар ҳарами кибриёии дил
درها گشاده بر حرم کبریای دل
Баннои сунъи баҳри ту номеҳрбони ниҳод
بنای صنع بهر تو نامهربان نهاد
Аз обу хоки меҳру муҳаббати баннои дил
از آب و خاک مهر و محبت بنای دل
То шуд нигорхонаи чашмами тиҳии зи ғайр
تا شد نگارخانهٔ چشمم تهی ز غیر
Пайдо шуд аз барои ту ҷоӣии варои дил
پیدا شد از برای تو جائی ورای دل
Биншин ба айшу ноз ки аз нозанин батон
بنشین به عیش و ناز که از نازنین بتان
Махсӯс туаст хона нузҳат физой дил
مخصوص توست خانه نزهت فزای دل
Аз баҳри зикр хилватён карда муҳташам
از بهر ذکر خلوتیان کرده محتشم
Васфи туро китобаи хилвати сарои дил
وصف تو را کتابه خلوت سرای دل