Гарчи ночор аз дарат эй сарви раъно май рӯм
گرچه ناچار از درت ای سرو رعنا میروم
Аз гирифторӣ дилам ӣнҷост ҳарҷо май рӯм
از گرفتاری دلم اینجاست هرجا میروم
Рафтанамро бас ки митрсм касе монеъ ме шавад
رفتنم را بس که میترسم کسی مانع شود
Май рӯми имрӯз ва мегӯям ки фардо май рӯм
میروم امروز و میگویم که فردا میروم
Рафтаи Хизри раҳи зи пеш аммо ман гум карда пай
رفته خضر ره ز پیش اما من گم کرده پی
Ҳаст то сар май кашам ё ҳаст то по май рӯм
هست تا سر میکشم یا هست تا پا میروم
Ақлу дайну дил ки махсӯсанд баҳри улфатат
عقل و دین و دل که مخصوصند بهر الفتت
Май гузорам бо ту ваҳшии инс танҳо май рӯм
میگذارم با تو وحشی انس تنها میروم
Май рӯм дар паии балои ҳиҷр аз ёди висол
میروم در پی بلای هجر از یاد وصال
Ашгм аз чашми бало байн меравад то май рӯм
اشگم از چشم بلا بین میرود تا میروم
Гуфтем кӣ хоҳӣ омад бози ҳол худ бигӯ
گفتیم کی خواهی آمد باز حال خود بگو
Ҳоли ман дар парда ғайбаст ҳоло май рӯм
حال من در پردهٔ غیب است حالا میروم
Вой бар ман муҳташами зи ғояти бечорагӣ
وای بر من محتشم از غایت بیچارگی
Дар раҳеи конро ниҳоят нест пайдо май рӯм
در رهی کانرا نهایت نیست پیدا میروم