Тоӣбм аз май ба даври наргиси ғаммоз ӯ

تائبم از می به دور نرگس غماز او

То нагӯям дар сари мастӣ ба мардуми роз ӯ

تا نگویم در سر مستی به مردم راز او

намешавам ғамгин агар сӯии худ овозам кунад

می‌شوم غمگین اگر سوی خود آوازم کند

Зон ки май тарсам рақибӣ башнавад овоз ӯ

زان که می‌ترسم رقیبی بشنود آواز او

Бо вуҷӯди он ки як нозаш ба сад ҷон май хуррам

با وجود آن که یک نازش به صد جان می‌خرم

Карда истиғнои ишқам бениёз аз ноз ӯ

کرده استغنای عشقم بی‌نیاز از ناز او

Тир ӯ мурғӣаст даст омӯзу мурғи рӯҳи мо

تیر او مرغیست دست آموز و مرغ روح ما

Чун дили Тифлон ба парвозаст аз парвоз ӯ

چون دل طفلان به پرواز است از پرواز او

Ҳар крои байнам ки дам гармаст азуи эмини ним

هر کرا بینم که دم گرمست ازو ایمن نیم

Зон ки май тарсам ба тақрибӣ шавад дмсоз ӯ

زان که می‌ترسم به تقریبی شود دمساز او

Тарк ман шуд маст ва бар дӯши рақиби андохти даст

ترک من شد مست و بر دوش رقیب انداخت دست

Ваа ки шуд малики дилами вайрони з даст андоз ӯ

وه که شد ملک دلم ویران ز دست انداز او

Ҳар куҷои мутриби зи назм муҳташам хонд ин ғазал

هر کجا مطرب ز نظم محتشم خواند این غزل

Офарин карданд бар табъи сухани пардоз ӯ

آفرین کردند بر طبع سخن پرداز او