Васлам насиб шуд зи мададкории рақиб

وصلم نصیب شد ز مددکاری رقیب

Ёрони муфид буд басии ёрии рақиб

یاران مفید بود بسی یاری رقیب

Дар шоҳи роҳ ишқ кашидам зи пои дил

در شاه راه عشق کشیدم ز پای دل

Сад хори ғам ба қӯти ғмхўории рақиб

صد خار غم به قوت غمخواری رقیب

Безоряш чу дод зи ёрами бароти васл

بیزاریش چو داد ز یارم برات وصل

Ман низ медирам хати безории рақиб

من نیز میدرم خط بیزاری رقیب

Аз ҷоми ҳиҷри ёр чўсрҳо шавад гарон

از جام هجر یار چوسرها شود گران

Мо ҳам кунем фикри сбксории рақиб

ما هم کنیم فکر سبکساری رقیب

Дар дӯсти душмании ман дармонда монда ам

در دوست دشمنی من درمانده مانده‌ام

Бечора аз муҳаббати ночории рақиб

بیچاره از محبت ناچاری رقیب

Моро басии муқарраб дилдор карда аст

ما را بسی مقرب دلدار کرده است

Дўрости ин амали зи аламдории рақиб

دوراست این عمل ز علمداری رقیب

Тарсам ки оқибат шавад афсурдаи муҳташам

ترسم که عاقبت شود افسرده محتشم

Бозори ишқи мо з кам озории рақиб

بازار عشق ما ز کم آزاری رقیب