Ҳилолӣ будӣ аввали сад баланди ахтари ҳаводорат

هلالی بودی اول صد بلند اختر هوادارت

Кунун моҳи тамомии нотамомии он чунон ёрат

کنون ماه تمامی ناتمامی آن چنان یارت

Ба оби дидаи прўрдми ниҳолатро чаҳ донистам

به آب دیده پروردم نهالت را چه دانستم

Ки бар ҳрбии басари боради срми нахли самари борат

که بر هربی بصر بارد ثرم نخل ثمر بارت

Ҳанузат буии шер аз ғунча сероб ме ояд

هنوزت بوی شیر از غنچهٔ سیراب می‌آید

Ки буд аз шираи ҷонами ғизои чашми хӯни хорат

که بود از شیرهٔ جانم غذای چشم خون‌خوارت

Ҳанузат доя мезад шона бар сунбул ки ман худ ро

هنوزت دایه میزد شانه بر سنبل که من خود را

намедидам ба ҳоли хеш ва медидам гирифторат

نمی‌دیدم به حال خویش و می‌دیدم گرفتارت

Ҳанузат номураттаб буд бар тани ҷомаи хӯбӣ

هنوزت نامرتب بود بر تن جامه خوبی

Ки ҷайбами пора буд аз дасти хуии мардуми озорат

که جیبم پاره بود از دست خوی مردم آزارت

Ҳанузат турра дар марди афканӣ чобук набӯд эй бут

هنوزت طره در مرد افکنی چابک نبود ای بت

Ки ман афтода будам дар каманди ҷаъди таррорат

که من افتاده بودم در کمند جعد طرارت

Ҳануз аз Юсуф ҳасанат набӯд овозае чандон

هنوز از یوسف حسنت نبود آوازه‌ای چندان

Ки бо чандин ҳавас будам ман муфлиси харидорат

که با چندین هوس بودم من مفلس خریدارت

Кунун каз пой то сар дар либоси ишвау нозӣ

کنون کز پای تا سر در لباس عشوه و نازی

зи ошиқ дар пас сад парда пинҳонаст рухсорат

ز عاشق در پس صد پرده پنهان است رخسارت

Бурун ото фишонд муҳташами нақди дилу ҷон ро

برون آتا فشاند محتشم نقد دل و جان را

Ба як назора бар лутфи қаду ангези рафторат

به یک نظاره بر لطف قد و انگیز رفتارت