Дӯстам бо ту ба ҳаддӣ ки з ҳад берунаст
دوستم با تو به حدی که ز حد بیرونست
Душманам низ ба навъе ки зи шарҳ афзӯн аст
دشمنم نیز به نوعی که ز شرح افزون است
Маънии дӯстӣ аз гуфту шинав мустағнӣ аст
معنی دوستی از گفت و شنو مستغنی است
Сӯрати душмании он ба ки нагӯям чунаст
صورت دشمنی آن به که نگویم چونست
Домани исмати гул чун дардои зи суҳбати хор
دامن عصمت گل چون درد از صحبت خار
Ашк булбул натавон гуфт чаро гулгунаст
اشک بلبل نتوان گفت چرا گلگونست
Пои хусрав агар аз дасти тамаъ дар гул нест
پای خسرو اگر از دست طمع در گل نیست
Кӯҳ кун то камар аз гиря чаро дар хӯнаст
کوه کن تا کمر از گریه چرا در خونست
Водии рашки мқомист ки аз булъаҷабӣ
وادی رشک مقامیست که از بوالعجبی
Лайлии онҷо ба сад ошуфтагӣ маҷнӯн аст
لیلی آنجا به صد آشفتگی مجنون است
Дорад аз дасти рақибони дилӣ аз бими ду ним
دارد از دست رقیبان دلی از بیم دو نیم
Саги Лайлӣ ки зи ҳии пайки раҳ ҳомӯн аст
سگ لیلی که ز حی پیک ره هامون است
Булҳаваси рости зи хубони тамаъи бӯсу канор
بوالهوس راست ز خوبان طمع بوس و کنار
Варна ошиқ ба ҳамин гуфту шинав мамнӯн аст
ورنه عاشق به همین گفت و شنو ممنون است
Тарсам охир кунадат ошиқу мафтӯни рақиб
ترسم آخر کندت عاشق و مفتون رقیب
Фалаки ин навъ ки бар рағми ман маҳзун аст
فلک این نوع که بر رغم من محزون است
Муҳташам бишинав ва дар узр ҷафоҳо машну
محتشم بشنو و در عذر جفاها مشنو
Сухан ӯ ки як афсона ва сад афсунаст
سخن او که یک افسانه و صد افسونست