Ғамза каз қӯти ҳасанати ду камон сохта аст
غمزه کز قوت حسنت دو کمان ساخته است
Пеши тирати ду дили имрӯзи нишон сохта аст
پیش تیرت دو دل امروز نشان ساخته است
Дар ҳузури туу расвоӣ дигар ғамзаи маро
در حضور تو و رسوای دگر غمزه مرا
Аз ашороти ду абрӯи ду забон сохта аст
از اشارات دو ابرو دو زبان ساخته است
Ҳар нигоҳати зи раҳи шӯъбадаи як пайки назар
هر نگاهت ز ره شعبده یک پیک نظر
Ба ду иқлӣми дил аз саҳари равон сохта аст
به دو اقلیم دل از سحر روان ساخته است
Ҷунбиши гӯшаи абрӯии ту дар паҳлавии ғайр
جنبش گوشه ابروی تو در پهلوی غیر
Прдлиро ҳадафи тиру камон сохта аст
پردلی را هدف تیر و کمان ساخته است
Дар мизоҷи ту асар карда ҳавойӣу маро
در مزاج تو اثر کرده هوائی و مرا
Суръати набзи гумоне ки аз он сохта аст
سرعت نبض گمانی که از آن ساخته است
Назари ғайр ки пос нигаҳам ме дорад
نظر غیر که پاس نگهم میدارد
Чеҳраи рози маро аз ту ниҳон сохта аст
چهرهٔ راز مرا از تو نهان ساخته است
наме тавон сохтан аз дидаи ғаммози ниҳон
میتوان ساختن از دیدهٔ غماز نهان
Ним нозӣ ки асир ту бидон сохта аст
نیم نازی که اسیر تو بدان ساخته است
Ғайр агар ҷуръае аз панд надодаст ту ро
غیر اگر جرعهای از پند ندادست تو را
Сарат аз суҳбати ёрон ки гарон сохта аст
سرت از صحبت یاران که گران ساخته است
Ғами ишқи ту ки ху карда ба ҷонҳои азиз
غم عشق تو که خو کرده به جانهای عزیز
Сахт бо муҳташами сӯхтаи ҷон сохта аст
سخت با محتشم سوخته جان ساخته است