Ки аз роҳи Ширози Гуштоспи зуд
که از راه شیراز گشتاسپ زود
Сӯй Исфаҳон ронад чун зинда равад
سوی اصفهان راند چون زنده رود
Абои номвари гирди гургин шер
ابا نامور گرد گرگین شیر
Бишуд дар сафоҳони яке дору гир
بشد در صفاهان یکی دار و گیر
Шуд аз гирди дашти сафоҳони сиёҳ
شد از گرد دشت صفاهان سیاه
Чаҳ арҳнг гуштосб дид он сипоҳ
چه ارهنگ گشتاسب دید آن سپاه
Бифармуд фирӯзро дар замон
بفرمود فیروز را در زمان
Абои гирди раҳоами покизаи ҷон
ابا گرد رهام پاکیزه جان
Ббрднди таркон бо дастгоҳ
ببردند ترکان با دستگاه
зи дашти сафоҳон ба арҷоспи шоҳ
ز دشت صفاهان به ارجاسپ شاه
Ки гар ояд ӯро шикастӣ ба ҷанг
که گر آید او را شکستی به جنگ
Шитоби оради онгоҳи норади диранг
شتاب آرد آنگاه نارد درنگ
Чаҳ омад аз он рӯй Гуштоспи пеш
چه آمد از آن روی گشتاسپ پیش
Дилаш буд аз дасти лҳроспи риш
دلش بود از دست لهراسپ ریش
Ки буд огаҳ аз кори лҳроспи шоҳ
که بود آگه از کار لهراسپ شاه
Ки чун шуд гурезон ба арҷоспи шоҳ
که چون شد گریزان به ارجاسپ شاه
Ду лашкар чаҳ диданди ройоти ҳам
دو لشکر چه دیدند رایات هم
Дар абрӯ фиканданд аз кӣнаи хам
در ابرو فکندند از کینه خم
Ба дашти сафоҳони абр ҳам заданд
به دشت صفاهان ابر هم زدند
зи хӯни ялон бар замин нам заданд
ز خون یلان بر زمین نم زدند
Чунон фитна ангехт ёзид кин
چنان فتنه انگیخت یازید کین
Ки зад осмони теғи кин бар замин
که زد آسمان تیغ کین بر زمین
Расанҳо шуд аз кӣнаи занҷири ҳалқ
رسنها شد از کینه زنجیر حلق
Каманд аҷал шуд гаулӯгири халқ
کمند اجل شد گلوگیر خلق
Чаҳ Гуштосп дид он сипоҳи чунон
چه گشتاسپ دید آن سپاه چنان
Бузади дасти бардошти гурзи гарон
بزد دست برداشت گُرز گران
Ҳанузаш зи лаби буи шер омадӣ
هنوزش ز لب بوی شیر آمدی
Валикини зи кини ҳамчу шер омадӣ
ولیکن ز کین همچو شیر آمدی
Гузаштаи зи умри ҷаҳонҷуи сипанҷ
گذشته ز عمر جهانجو سپنج
Бар ин куҳнаи вайрони сарои сипанҷ
بر این کهنه ویران سرای سپنج
Валикини бррзми андаруни шер буд
ولیکن بررزم اندرون شیر بود
Буриши шери нар кам зи нахҷӣр буд
برش شیر نر کم ز نخجیر بود
Сари роҳ арҳнг бигирифт танг
سر راه ارهنگ بگرفت تنگ
Гарони гурзаи гови пайкар ба чанг
گران گُرزه گاو پیکر به چنگ
Ба ҳам ҳар ду аз кин дар овехтанд
به هم هر دو از کین در آویختند
Яке гирд тира барангехтанд
یکی گرد تیره برانگیختند
Саранҷоми арҳнги бардошти теғ
سرانجام ارهنگ برداشت تیغ
Баромад ба Гуштосп монанди меғ
برآمد به گشتاسپ مانند میغ
Бузади теғ ва шуд хастаи боли савор
بزد تیغ و شد خسته بال سوار
Чаҳ Гуштосп он дид шуд дар фирор
چه گشتاسپ آن دید شد در فرار
Гурезони раҳи Балхро барграфт
گریزان ره بلخ را برگرفت
Баси пеш ӯ гурз ва ханҷар гирифт
بس پیش او گُرز و خنجر گرفت
Чаҳ гургин гргўии рўӣини шер
چه گرگین گرگوی روئین شیر
Гурезон шуданд аз дами дору гир
گریزان شدند از دم دار و گیر
Сӯй систон барграфтанд роҳ
سوی سیستان برگرفتند راه
Ҷудои аўФтоднд аз ҳам сипоҳ
جدا اوفتادند از هم سپاه
На сар буд пайдо аз эшон на пой
نه سر بود پیدا از ایشان نه پای
На кӯсу дирафш ва на пардаи сарой
نه کوس و درفش و نه پرده سرای
Гурезон пароканда рафт он сипоҳ
گریزان پراکنده رفت آن سپاه
Сӯии систону дил аз кини сиёҳ
سوی سیستان و دل از کین سیاه
Вази неруӣ арҳнг омад чаҳ шер
وز نیروی ارهنگ آمد چه شیر
Ба шаҳри сафоҳони паии дору гир
به شهر صفاهان پی دار و گیر
Ба шаҳри андари он лашкари тарки рехт
به شهر اندر آن لشکر ترک ریخت
Сари риштаи ҷони зи тан ҳо гурехт
سر رشته جان ز تنها گریخت
Сафоҳон бадингуна тороҷ шуд
صفاهان بدینگونه تاراج شد
Ки аз шоҳи анҷуми шаб доҷ шуд
که از شاه انجم شب داج شد
зи бас кушта афтод болоу паст
ز بس کشته افتاد بالا و پست
Раҳ рафтани мардумонро бибаст
ره رفتن مردمان را ببست
зи баси мард каз теғи кин пора шуд
ز بس مرد کز تیغ کین پاره شد
зи хӯн зинда равадӣ ба хӯн тоза шуд
ز خون زنده رودی به خون تازه شد
зи бас каз танони теғи кини сари дуруд
ز بس کز تنان تیغ کین سر دَرود
Сафоҳони зи хӯни гашт чун зинда равад
صفاهان ز خون گشت چون زنده رود
зи марду зи зани марди таассеи ҳазор
ز مرد و ز زن مرد تاسی هزار
зи перон ва аз кӯдаки ширхор
ز پیران و از کودک شیرخوار
Бикуштанд таркон дар он дору гир
بکشتند ترکان در آن دار و گیر
Ббрднд бисёр аз онҷои асир
ببردند بسیار از آنجا اسیر
Ки омад саворӣ аз арҷоспи шоҳ
که آمد سواری از ارجاسپ شاه
Ки бигзор Эрон ва баркаш сипоҳ
که بگذار ایران و برکش سپاه
Ки чун систонро ба даст оварам
که چون سیستان را به دست آورم
Бар авлоди рустам шикаст оварам
بر اولاد رستم شکست آورم
зи мо буд хоҳад мари Эрони замин
ز ما بود خواهد مر ایران زمین
Чу Эрони замин ва чаҳ турони замин
چو ایران زمین و چه توران زمین
Ки то тухмаи зол бар ҷой ҳаст
که تا تخمه زال بر جای هست
Касеро бар эрониён нест даст
کسی را بر ایرانیان نیست دست
Сипаҳро зи малики сафоҳони бабрад
سپه را ز ملک صفاهان ببرد
Ду раҳи шаш ҳазор аз асирони бабрад
دو ره شش هزار از اسیران ببرد
Вази неруии Гуштоспи он номдор
وز نیروی گشتاسپ آن نامدار
Сӯй систон шуд чу боди баҳор
سوی سیستان شد چو باد بهار
Чу омад ба наздикии систон
چو آمد به نزدیکی سیستان
Шабӣ аз қазо дид он Комрон
شبی از قضا دید آن کامران
Яке оташ аз давр бар кӯҳсор
یکی آتش از دور بر کوهسار
Сӯй оташ омад чу боди баҳор
سوی آتش آمد چو باد بهار
Чу наздики оташ диловар расед
چو نزدیک آتش دلاور رسید
Ду мард диловар бидон ҷой дид
دو مرد دلاور بدان جای دید
Чу омад самандаш хурӯшед сахт
چو آمد سمندش خروشید سخت
Шуданд огаҳи он ҳар ду фирӯзбахт
شدند آگه آن هر دو فیروزبخت
Кашиданд он ҳар ду бар асби танг
کشیدند آن هر دو بر اسب تنگ
Гирифтанд раҳ бар сипаҳдори танг
گرفتند ره بر سپهدار تنگ
Яке зон ду омад бар номдор
یکی زآن دو آمد بر نامدار
Ба туркӣ забон гуфт к-эии комкор
به ترکی زبان گفت کای کامکار
Чу мардӣ бигӯ ном дар тираи шаб
چو مردی بگو نام در تیره شب
Чаро бастаи дории зи гуфтори лаб
چرا بسته داری ز گفتار لب
Чунин посухаш дод Гуштоспи боз
چنین پاسخش داد گشتاسپ باز
Ки аз пеш арҷосп оем фароз
که از پیش ارجاسپ آیم فراز
Ки то ҳар ки байнам дар ин кӯҳсор
که تا هر که بینم در این کوهسار
Бабандам барам пеши шаҳи устувор
ببندم برم پیش شه استوار
Бидон раҳи з лашкар нигараданд давр
بدان ره ز لشکر نگردند دور
Ки ҳангом размасту ҳангоми шӯр
که هنگام رزم است و هنگام شور
Шунидам ки он гирди ҷомосп буд
شنیدم که آن گرد جاماسپ بود
Савор дигар ҷуфти лҳросп буд
سوار دگر جفت لهراسپ بود
Надонист кони шер Гуштосп аст
ندانست کآن شیر گشتاسپ است
Гумони баради кони мард арҷосп аст
گمان برد کآن مرد ارجاسپ است
Ба дил гуфт ҷомосп кин тарк ро
به دل گفت جاماسپ کاین ترک را
Бигирам барам пеши фармонраво
بگیرم برم پیش فرمانروا
Чунин ҳадяи наздики лҳроспи шоҳ
چنین هدیه نزدیک لهراسپ شاه
Зӣонеи кар аз урдӯии арҷоспи шоҳ
زیانی کر از اردوی ارجاسپ شاه
Барангехти он бораи раҳнавард
برانگیخت آن باره رهنورد
Ба шҳзодаҳ овехт андари набард
به شهزاده آویخت اندر نبرد
Чу найза бар ӯ рост кард ӯ далер
چو نیزه بر او راست کرد او دلیر
Бузади дасти Гуштосп монанди шер
بزد دست گشتاسپ مانند شیر
Буруни найза аз даст , ҷомосп кард
برون نیزه از دست، جاماسپ کرد
Ба танг андараш ронад монанди гирд
به تنگ اندرش راند مانند گرد
Гирифташ камаргоҳу бардошти зуд
گرفتش کمرگاه و برداشت زود
Бузад бар замини басти дасташ чаҳ дӯд
بزد بر زمین بست دستش چه دود
Чу бонӯии лҳроспи он кор дид
چو بانوی لهراسپ آن کار دید
Ҳунар зон далер сипаҳдор дид
هنر زان دلیر سپهدار دید
Ба кини брхрўшид ва омад буриш
به کین برخروشید و آمد برش
Ба тундии яке гурз зад бар сараш
به تندی یکی گُرز زد بر سرش