Ҷаҳони дидаи деҳқон чунин кард ёд
جهان دیده دهقان چنین کرد یاد
Ки он номаи золи покизаи зод
که آن نامه زال پاکیزه زاد
Ки зӣ фаромарз кардаш равон
که زی فرامرز کردش روان
Шаби тира бар сӯии Ҳиндӯстон
شب تیره بر سوی هندوستان
Ба роҳӣ ки омад аз он шаҳриёр
به راهی که آمد از آن شهریار
Барони раҳи фиристодаро шуд гузор
برآن ره فرستاده را شد گذار
Кшн лашкарӣ дид он номдор
کشن لشکری دید آن نامدار
Зада хайма дар пеши дарёи гузор
زده خیمه در پیش دریا گذار
Хаёлаши чунон кони фаромарз буд
خیالش چنان کان فرامرز بود
Ки бо лашкари худ дар он марз буд
که با لشکر خود در آن مرز بود
Ба наздики лашкар ки омад фароз
به نزدیک لشکر که آمد فراز
з мардӣ бипурсед он сарфароз
ز مردی بپرسید آن سرفراز
Ки ин лашкар бекарон зон кист
که این لشکر بی کران زان کیست
Бадв гуфт он марди ном ту чист
بدو گفت آن مرد نام تو چیست
Марои номи гуфто ки аршиўн аст
مرا نام گفتا که ارشیون است
Ба зобули марои мأмн ва маскан аст
به زابل مرا مأمن و مسکن است
Яке нома аз зол дорам бикаш
یکی نامه از زال دارم بکش
Ба назд фаромарзи шмширкш
به نزد فرامرز شمشیرکش
Буд гуфт ин лашкар бе карон
بود گفت این لشکر بی کران
зи пӯри Таҳамтани сари сарварон
ز پور تهمتن سر سروران
Биё то турои сӯии он ял барам
بیا تا ترا سوی آن یل برم
Козини ҳадя бар чарх сояд серум
کازین هدیه بر چرخ ساید سرم
Ба барадаши ҳамонгоҳ он номдор
به بردش همانگاه آن نامدار
Ба наздики шери жёни шаҳриёр
به نزدیک شیر ژیان شهریار
Сипаҳбад чаҳ он нома бархонаду хашм
سپهبد چه آن نامه برخواند و خشم
Гирифту фурӯи рехти об аз ду чашм
گرفت و فرو ریخت آب از دو چشم
Равони посухи нома зол кард
روان پاسخ نامه زال کرد
Срномаҳ бар теғ ва купол кард
سرنامه بر تیغ و کوپال کرد
Ки бар ман ниё кӣна дорад азин
که بر من نیا کینه دارد ازین
Ки ман сӯии ҳинди омадами баҳри кин
که من سوی هند آمدم بهر کین
Бидидӣ маро чун ба гоҳи шитоб
بدیدی مرا چون به گاه شتاب
Шумории зи таркони афросйоб
شماری ز ترکان افراسیاب
Нахустин аз ин дӯда будам бкин
نخستین از این دوده بودم بکین
Аз он ман шудам сӯии ҳиндӯи замин
از آن من شدم سوی هندو زمین
Ки орми сипоҳии падед аз ҳунар
که آرم سپاهی پدید از هنر
Ки сомам нагӯяд дигар бе падар
که سامم نگوید دگر بی پدر
Бидонад ки аз бепадар низ кор
بداند که از بی پدر نیز کار
Бияёд чаҳ пайдо шавад корзор
بیاید چه پیدا شود کارزار
Кунун аз ту Эрон ва ҳам систон
کنون از تو ایران و هم سیستان
Ману шоҳи Аржангу Ҳиндӯстон
من و شاه ارژنگ و هندوستان
Фиристодаи рохлъти зарнигор
فرستاده راخلعت زرنگار
Бидод ва равон кард яли шаҳриёр
بداد و روان کرد یل شهریار
Вази онҷои баргашти он номвар
وز آنجای برگشت آن نامور
Дили оканда аз хашму пуркӣнаи сар
دل آکنده از خشم و پرکینه سر
Чунин то биёмад ба шаҳр саранд
چنین تا بیامد به شهر سراند
Ба наздики Аржанги шоҳи баланд
به نزدیک ارژنگ شاه بلند
Саросар ба Аржанг гуфт ин сухан
سراسر به ارژنگ گفت این سخن
Вази он пас сипаҳдори шамшери зан
وز آن پس سپهدار شمشیر زن
Сипаҳро сӯии чин равон кард шод
سپه را سوی چین روان کرد شاد
Ба ҷумҳӯр гуфт он замони покзод
به جمهور گفت آن زمان پاکزاد
Ки арҷосп акнӯн ба Эрон шуда
که ارجاسپ اکنون به ایران شده
Ба ҷанги далерону шерон шуда
به جنگ دلیران و شیران شده
Тиҳии монда зу тахти афросйоб
تهی مانده زو تخت افراسیاب
Сипаҳи баради зии Балх зон сӯии об
سپه برد زی بلخ زان سوی آب
Ман акнӯн сӯии малики турони р ( ва ) м
من اکنون سوی ملک توران ر(و)م
Бибояд барин роҳи кини нғнўм
بباید برین راه کین نغنوم
Сари тахти турон ба чанг оварам
سر تخت توران به چنگ آورم
Ҷаҳон бар бидонадяш танг оварам
جهان بر بداندیش تنگ آورم
Вази он ҷои сипаҳи сӯии Эрон барам
وز آن جا سپه سوی ایران برم
Брзм ялон нараҳ шерон барам
برزم یلان نره شیران برم
Ҳунар аз ниҳон ошкоро кунам
هنر از نهان آشکارا کنم
На мардуми бад-ӣнгар мудоро кунам
نه مردم بدین گر مدارا کنم
Бигирам сари тахти лҳросп ро
بگیرم سر تخت لهراسپ را
Бабрам сар шавам арҷосп ро
ببرم سر شوم ارجاسپ را
Яке созами Эрону турони баҳам
یکی سازم ایران و توران بهم
Бигӯям ҷавоби ялон беш ва кам
بگویم جواب یلان بیش و کم
Чу рустам бияёд зи ховари замин
چو رستم بیاید ز خاور زمین
Бадаради зи наъли ткоўри замин
بدرد ز نعل تکاور زمین
Намоями бадви номаи золи зар
نمایم بدو نامه زال زر
Таҳамтан бихонад ҳамаи сари басар
تهمتن بخواند همه سر بسر
Бидонад ки аз ман наомад гуноҳ
بداند که از من نیامد گناه
Нахусти андарин разм ва ин кӣнаи гоҳ
نخست اندرین رزم و این کینه گاه