Рой гуфт брҳмнро ки шунӯдам мисли ду дсўт ки бтзриби намоаму съоиту фаттон чигуна азики дигари мстзиди гаштанду бъдоўту мақотилати гроиидн то мазлӯмӣ бегуноҳ кушта шуд , ва рӯзгор дод вай бидод , ки ҳдми баннои бории ъзи исма муборак набошад ,у авоқиби он аз вабол ва накол холӣ намонад . Флои исрФи фии алФтли анаи кони мнсўро . Акнӯн агар муяссар гардад бозгуии достони дӯстони як дил ва , кайфияти мўолоту ифтитоҳи мўохоти эшон ,у истимтоъ аз самароти мхолсту бархӯрдорӣ аз натоиҷи мсодқт .
رای گفت برهمن را که شنودم مثل دو دسوت که بتضریب نمام و سعایت و فتان چگونه ازیک دیگر مستزید گشتند و بعداوت و مقاتلت گراییدن تا مظلومی بی گناه کشته شد،و روزگار داد وی بداد، که هدم بنای باری عز اسمه مبارک نباشد، و عواقب آن از وبال و نکال خالی نماند. فلا یسرف فی الفتل انه کان منصورا. اکنون اگر میسر گردد بازگوی داستان دوستان یک دل و، کیفیت موالات و افتتاح مواخات ایشان، و استمتاع از ثمرات مخالصت و برخورداری از نتایج مصادقت.
Брҳмн гуфт : ҳичизи наздики уқало дар мувозинаи дӯстон мухлис наёяд , ва дар муқобилаи ёрони як дил нанишинад , ки ди роёми роҳати муоширати хуб азишон мутаваққиъ бошад ва дар Фтроти накбати мазоҳирати бсдқ аз ҷети эшон мунтазир .
برهمن گفت:هیچیز نزدیک عقلا در موازنه دوستان مخلص نیاید، و در مقابله یاران یک دل ننشیند، که د رایام راحت معاشرت خوب ازیشان متوقع باشد و در فترات نکبت مظاهرت بصدق از جت ایشان منتظر.
Ва аз амсоли ин , ҳикояти кабӯтару зоғу мӯшу бохаҳ ва оҳӯаст . Рой пурсед ки : чигунааст он ?
و از امثال این، حکایت کبوتر و زاغ و موش و باخه و آهوست. رای پرسید که: چگونه است آن؟
Гуфт :
گفت: