Маҳфили афрӯзи ҷаҳони боз дар айвони ҳамл
محفل افروز جهان باز در ایوان حمل
Илм шаъшаа афрохт чу заррини машъал
علم شعشعه افراخت چو زرین مشعل
Вақт он шуд ки ҳарифон бглстон оянд
وقت آن شد که حریفان بگلستان آیند
Чун гулу ғунчаи қадаҳ дар кафу мино ба бағал
چون گل و غنچه قدح در کف و مینا به بغل
Шаби мурғони чаманро саҳар омад ки чаман
شب مرغان چمن را سحر آمد که چمن
Аз гул ва лола барафрӯхт чароғу машъал
از گل و لاله برافروخت چراغ و مشعل
Шуд аз он бода ки дар соғарашони рехти баҳор
شد از آن باده که در ساغرشان ریخت بهار
Чашми риндони қадаҳи нӯш чу наргиси ашҳл
چشم رندان قدح نوش چو نرگس اشهل
Баҳри тасхири призоди гулу лолаи замин
بهر تسخیر پریزاد گل و لاله زمین
Карда аз доираи чархи макон дар мндл
کرده از دایره چرخ مکان در مندل
Заврақи меҳнату андӯҳ фурӯ рафт ба гул
زورق محنت و اندوه فرو رفت به گل
Киштии хўшдлӣу айши баромади зўҳл
کشتی خوشدلی و عیش برآمد زوحل
Лолаи пӯшеди баҳри кӯҳи либоси атлас
لاله پوشید بهر کوه لباس اطلس
Сабза густард баҳри бодияи фарши махмал
سبزه گسترد بهر بادیه فرش مخمل
Комҳо бскаҳи пар аз шаҳд тараф шуд чаҳ аҷаб
کامها بسکه پر از شهد طرف شد چه عجب
Неши ҳам нӯш шавад дардами занбӯри асал
نیش هم نوش شود دردم زنبور عسل
Шуд зи парвози дами абри баҳорони софӣ
شد ز پرواز دم ابر بهاران صافی
Ҳар кафи хок чу ойинаи тор аз сайқал
هر کف خاک چو آئینه تار از صیقل
Мавсими мастӣ ва ъушрат шуд ва карданд мақом
موسم مستی و عشرت شد و کردند مقام
Бо дили шодтар аз хотири арбоби дувал
با دل شاد تر از خاطر ارباب دول
Сабзи навашони ҳама чун сарв ба пиромни ҷӯй
سبز نوشان همه چون سرو به پیرامن جوی
Бодаи навашони ҳама чун сабза бгар мнҳл
باده نوشان همه چون سبزه بگر منهل
Рндўи михўораҳу булбули гиреҳи хомӯшӣ
رندو میخواره و بلبل گره خاموشی
Аз лаб хеш гушӯданд дар иншои ғазал
از لب خویش گشودند در انشای غزل
Он ба тавсифи хароботи бўҷаҳи аҳсан
آن به توصیف خرابات بوجه احسن
Ин бтъриФи гулистони бтриқи аҷмл
این بتعریف گلستان بطریق اجمل
Даҳри хуш хуррамӣ дошт ба толеъи комсол
دهر خوش خرمی داشت به طالع کامسال
Рафт то боди баҳорӣ вазад ифшоанд аввал
رفت تا باد بهاری وزد افشاند اول
Лола дар домани кҳсори зи ахгари сдкўаҳ
لاله در دامن کهسار ز اخگر صدکوه
Жола дар соҳати гулзори зи гавҳари сад тел
ژاله در ساحت گلزار ز گوهر صد تل
Шуд ҳавои бскаҳ мулоим задам абри баҳор
شد هوا بسکه ملایم زدم ابر بهار
Чаҳ аҷаб каз асари нармӣ ӯ гардад ҳал
چه عجب کز اثر نرمی او گردد حل
Ақдҳои дили ушшоқ ки монанди садаф
عقدهای دل عشاق که مانند صدف
Буд аз сахтии толеъи ҳамаи молоинҳл
بود از سختی طالع همه مالاینحل
Шуд маҳаллии бҳлли боғу гул ва лола шуданд
شد محلی بحلل باغ و گل و لاله شدند
Ҳар ду машғӯли бойени машғала аз ҳар мшғл
هر دو مشغول باین مشغله از هر مشغل
Он ба тҳлили ҳиллии банди ҷаҳони ҷли ҷалол
آن به تهلیل حلی بند جهان جل جلال
Ин бтсбиҳи худованди ҷаҳони ъзўҷл
این بتسبیح خداوند جهان عزوجل
намебихӯр хуш бизӣ имрӯз ки михўорон ро
می بخور خوش بزی امروز که میخواران را
Шишаи бодаи бглзор бар омад зи бағал
شیشه باده بگلزار بر آمد ز بغل
Ҳоли он ба ки ту ҳам бодаи хурӣ ва нахурӣ
حال آن به که تو هم بادهخوری و نخوری
Беш аз ин ъсаҳи мозӣу ғами мстқбл
بیش از این عصه ماضی و غم مستقبل
Лола бо ин ҳамаи рангу ҳамаи обу ҳамаи тоб
لاله با این همه رنگ و همه آب و همه تاب
Ки чўотш илм афрохт бболои ктл
که چوآتش علم افراخت ببالای کتل
Ҳаст биқдртр аз зарра агар бар сари кӯҳ
هست بیقدرتر از ذره اگر بر سر کوه
Баъд аз ин меҳр ҷҳонтоб фурӯзад машъал
بعد از این مهر جهانتاب فروزد مشعل
Шоҳиди боғ бадингуна ки ороста кард
شاهد باغ بدینگونه که آراسته کرد
Хештанро зи гулу лолау насрини бҳлл
خویشتن را ز گل و لاله و نسرین بحلل
Чаҳ аҷаби дидаи як байни з худо хоҳад агар
چه عجب دیده یک بین ز خدا خواهد اگر
Шавад аз баҳри тамошои гулистони аҳвал
شود از بهر تماشای گلستان احول
Ҷилва гар шуд баназарҳо зи дами гарми баҳор
جلوهگر شد بنظرها ز دم گرم بهار
зи ахгари лолау гули ҳамчуи фурӯзони машъал
ز اخگر لاله و گل همچو فروزان مشعل
Чаҳ нишеб ва чаҳ фароз ва чаҳ биёбон ва чаҳ кӯҳ
چه نشیب و چه فراز و چه بیابان و چه کوه
Чаҳ замин ва чаҳ замон ва чаҳ макон ва чаҳ маҳал
چه زمین و چه زمان و چه مکان و چه محل
Хости наққоши қазои васфи чаманро бандад
خواست نقاش قضا وصف چمن را بندد
Нақш бар сафҳаи айём қадар гуфт аввал
نقش بر صفحه ایام قدر گفت اول
Чарх дар косаи фирӯзае хеш кунад
چرخ در کاسه فیروزهای خویش کند
Басари ангушти зари меҳри дурахшонро ҳал
بسر انگشت زر مهر درخشان را حل
Дар миёни тирагӣу ойинау гулшан ро
در میان تیرگی و آئینه و گلشن را
Даврӣ афтод бдонгўнаҳ ки гардуни бмсл
دوری افتاد بدانگونه که گردون بمثل
Месазад гуяд агар нест зи якдигарашон
میسزد گوید اگر نیست ز یکدیگرشان
Ин қадари фосилаи шоми абади субҳи азал
این قدر فاصله شام ابد صبح ازل
Бскаҳ рафт аз дами ҷони бахши насими гулшан
بسکه رفت از دم جانبخش نسیم گلشن
Иллат аз ҷисми ҷаҳони ҳамчуи ғаш аз сими дағал
علت از جسم جهان همچو غش از سیم دغل
Бе масеҳои ҳамаи растанади марӣзони зи амроз
بیمسیحا همه رستند مریضان ز امراض
Бе мудовои ҳамаи ҷустанди алилони зи илал
بیمداوا همه جستند علیلان ز علل
Гар бтъриФи чамани хайли сухани пардозон
گر بتعریف چمن خیل سخنپردازان
Поя назм расонанд боалии зи асфал
پایه نظم رسانند باعلی ز اسفل
Васф гулзор бидон гӯна ки бояд чаҳ аҷаб
وصف گلزار بدانگونه که باید چه عجب
Ки муфассал нашавад гуфта ва монад муҷмал
که مفصل نشود گفته و ماند مجمل
Шаҳр танг аст барандон қадаҳи нӯши чисон
شهر تنگ است برندان قدح نوش چسان
Сар бсҳро нагузоранд ба овозаи ҷл
سر بصحرا نگذارند به آوازه جل
Гршд аз файзи нами абри баҳории имрӯз
گرشد از فیض نم ابر بهاری امروز
Чун дрўдшти пар аз лолау гули кӯҳу ктл
چون درودشت پر از لاله و گل کوه و کتل
Гоҳу бегоҳи зи баси ғулғула дар чархи афканд
گاه و بیگاه ز بس غلغله در چرخ افکند
Бонги мурғи чаману қаҳқаҳаи Кебеки ҷабал
بانگ مرغ چمن و قهقهه کبک جبل
Набӯд ар дардисараши баҳр чаҳ гардуни зи шафақ
نبود ار دردسرش بهر چه گردون ز شفق
Субҳу шоми ӣнҳама бар носиаҳи молади сандал
صبح و شام اینهمه بر ناصیه مالد صندل
Бскаҳ дар домани чарх ашк фишонанд нуҷум
بسکه در دامن چرخ اشک فشانند نجوم
Ки заминашон набӯд баҳр чаҳ имрӯзи маҳал
که زمینشان نبود بهر چه امروز محل
Дар риёзи фалак аз сими сиришки анҷуман
در ریاض فلک از سیم سرشک انجمن
Мекунад коҳи кашони ҷилваи симини ҷадвал
میکند کاهکشان جلوه سیمین جدول
Булбули маст ки гулшани зи навояши пуршӯр
بلبل مست که گلشن ز نوایش پرشور
Шуд бдонгўнаҳ ки аз қҳқаҳи Кебеки ҷабал
شد بدانگونه که از قهقه کبک جبل
Накунад ҷони бетони мурда чаро нағма ӯ
نکند جان بتن مرده چرا نغمه او
Ки буд замзамааш наъти набии мурсал
که بود زمزمهاش نعت نبی مرسل
Хусрави кишвари лўлоки Муҳамад ( с ) ки ниҳод
خسرو کشور لولاک محمد(ص) که نهاد
Эзадаши тоҷи рисолати басар аз рӯзи азал
ایزدش تاج رسالت بسر از روز ازل
Подшоҳи мадании шоҳсўори ?маккей
پادشاه مدنی شاهسوار مکی
Росихи дайни мубини носихи адёну милал
راسخ دین مبین ناسخ ادیان و ملل
Хоҳад ар хонаи пуршӯри ҷаҳони розоиш
خواهد ار خانه پرشور جهان رازایش
Ки шавад чун дил бе васвасаи холии зи халал
که شود چون دل بیوسوسه خالی ز خلل
Дар раҳи ҳукми қадари пои қазо ланг шавад
در ره حکم قدر پای قضا لنگ شود
Бар сари амри қазои даст қадар гардад шул
بر سر امر قضا دست قدر گردد شل
Нур ӯро на бдоит на ниҳоят бошад
نور او را نه بدایت نه نهایت باشد
Ки буд нури худованди ҷаҳони ъзўҷл
که بود نور خداوند جهان عزوجل
зи аввалаш ҳеҷ мапурс ончӣ надорад охир
ز اولش هیچ مپرس آنچه ندارد آخر
Зохрш ҳеҷ магӯ ончӣ надорад аввал
زآخرش هیچ مگو آنچه ندارد اول
Аз ғуломон дар ӯ ки буд пояи шаън
از غلامان در او که بود پایه شأن
Аз улувва таънаи зани пояи шоҳони аҷал
از علو طعنه زن پایه شاهان اجل
Курсии ҷоҳ сияҳ чарада ғуломӣ бошад
کرسی جاه سیه چرده غلامی باشد
Ҳафтумин қубба ки бошад зи азали ҷои Зуҳал
هفتمین قبه که باشد ز ازل جای زحل
эй дилати оинаи шоҳиди яктои азал
ای دلت آینه شاهد یکتای ازل
Ҳаркии ҷӯёии хдогшти турои ҷусти аввал
هرکه جویای خداگشت ترا جست اول
Буд злмтгдаҳи маҳфили олам зон пеш
بود ظلمتگده محفل عالم زان پیش
Ки шавад меҳри ҷҳонтоби ту саргарми амал
که شود مهر جهانتاب تو سرگرم عمل
Ногаҳони нури ту аз ғайб дурахшид ва задуд
ناگهان نور تو از غیب درخشید و زدود
Занг аз ойинаи торики ҷаҳон чун сайқал
زنگ از آئینه تاریک جهان چون صیقل
Шаби миъроҷ ки баҳри қидмати хилвати дӯст
شب معراج که بهر قدمت خلوت دوست
Ҳамчуи фирдавси барин гашти музайяни бҳлл
همچو فردوس برین گشت مزین بحلل
Ончӣ дар пардаи асрори ниҳон буд эзад
آنچه در پرده اسرار نهان بود ایزد
Гуфт дар гӯшти илои охираи ман аввал
گفت در گوشت الی آخره من اول
Анбиёро ки ббрҷи шараф афрохта шуд
انبیا را که ببرج شرف افراخته شد
Илми шаъшаа чун меҳр дар айвони ҳамл
علم شعشعه چون مهر در ایوان حمل
Ҳама нуранд вале нисбаташон ҳаст бтў
همه نورند ولی نسبتشان هست بتو
Нисбати заррау хуршеду чароғу машъал
نسبت ذره و خورشید و چراغ و مشعل
Сркўии ту биҳиштаст ки ёбанд дар ӯ
سرکوی تو بهشت است که یابند در او
Ошиқони чошнии суҳбати маъшӯқи азал
عاشقان چاشنی صحبت معشوق ازل
На биҳиштӣ ки барои дили зоҳиди онҷо
نه بهشتی که برای دل زاهد آنجا
Ҷўӣӣ аз шер равон бошаду ҷўӣии зи асал
جوئی از شیر روان باشد و جوئی ز عسل
Чист ҷузи ҳосили биҳосли аъдои туро
چیست جز حاصل بیحاصل اعدای ترا
Ҳосил аз мазраъи айём ки ин қавми дағал
حاصل از مزرع ایام که این قوم دغل
Дар ҳама умр маҳоласт ки гиранд ва хуранд
در همه عمر محالست که گیرند و خورند
Гули зи гулзори умеду самар аз боғи амл
گل ز گلزار امید و ثمر از باغ امل
Тоҷу тахти ҷам ва кӣ пеши гадоён ту чист
تاج و تخت جم و کی پیش گدایان تو چیست
Кандарон хитта ки султони тўӣӣ эй мироҷл
کاندران خطه که سلطان توئی ای میراجل
Накунад дар назари ҳиммати мӯрони ҳақир
نکند در نظر همت موران حقیر
Хирман ҳар ду ҷаҳони ҷилваи муштии хардал
خرمن هر دو جهان جلوه مشتی خردل
Брнёиди з касе васфи сахои ту ки ҳаст
برنیاید ز کسی وصف سخای تو که هست
эй ту дар ҷӯади зи сад ҳотами тоӣии акмал
ای تو در جود ز صد حاتم طائی اکمل
Вақти эҳсони ту як қатра чаҳ дарё чаҳ ғадир
وقت احسان تو یک قطره چه دریا چه غدیر
Гоҳи анъоми ту як зарра чаҳ аксар чаҳ ақал
گاه انعام تو یک ذره چه اکثر چه اقل
Доне аз маслиҳати кор ки карданд баҳам
دانی از مصلحت کار که کردند بهم
Србсри талхӣу ширинии айёми бадал
سربسر تلخی و شیرینی ایام بدل
То қиёмат аҷабӣ нест ки ёбад ҳар ком
تا قیامت عجبی نیست که یابد هر کام
Таъми ҳанзали зи шукри таъми шукр аз ҳанзал
طعم حنظل ز شکر طعم شکر از حنظل
Хоҳад ар лутфи ту аз лашкари ёҷўҷи фано
خواهد ار لطف تو از لشکر یاجوج فنا
Дар ҷаҳони сади бақоро нарасад ҳеҷ халал
در جهان سد بقا را نرسد هیچ خلل
Ба кмонхонаҳи ҳам аз нимаи раҳи баргардад
به کمانخانه هم از نیمه ره برگردد
Нов кигар ҷаҳд аз шасти камондори аҷал
ناو کی گر جهد از شست کماندار اجل
Паии табдил ҳам ояд ба нишебу бФроз
پی تبدیل هم آید به نشیب و بفراز
Гар равад ҳукми ту дар боғи ҷаҳон чун ҷадвал
گر رود حکم تو در باغ جهان چون جدول
Чаҳ аҷаб дар раҳи пурпасту баланди гетӣ
چه عجب در ره پرپست و بلند گیتی
Ки ҳар асфал шавад аъло ва ҳар аъло асфал
که هر اسفل شود اعلی و هر اعلی اسفل
Дасти лутф ар накунӣ баҳри шафоати берун
دست لطف ار نکنی بهر شفاعت بیرون
зи остини рӯзи ҷазо назд худованди азал
ز آستین روز جزا نزد خداوند ازل
Зоҳид аз зуҳд на бинад бирав обиди зи салоҳ
زاهد از زهد نه بیند برو عابد ز صلاح
Олам аз илми нчинди гулу омили зи амал
عالم از علم نچیند گل و عامل ز عمل
Ҳарки бар гирадаш аз хок мазаллат лутфаст
هرکه بر گیردش از خاک مذلت لطفست
эй бомдоди ту ворастааи залилони зи злл
ای بامداد تو وارسته ذلیلان ز ذلل
Дар дам аз рифъат иқбол занад чун Гевон
در دم از رفعت اقبال زند چون گیوان
Рояти шавкату шан бар сари ин ҳафт ктл
رایت شوکت و شان بر سر این هفت کتل
Нест мумкин ки зи даври фалаку сайри нуҷум
نیست ممکن که ز دور فلک و سیر نجوم
Кори осӯдагии хасми ту бояд файсал
کار آسودگی خصم تو باید فیصل
Магараши хори аҷал панҷа занад дар доман
مگرش خار اجل پنجه زند در دامن
Магараши нештар марги кушояди акҳл
مگرش نیشتر مرگ گشاید اکحل
Баҳри осоиши абнои замонгар хоҳӣ
بهر آسایش ابنای زمان گر خواهی
Ки шавад мунтазами авзоъи ҷаҳони мухтал
که شود منتظم اوضاع جهان مختل
Гардад ин арса ки ҳаргиз набӯд пурошӯб
گردد این عرصه که هرگز نبود پرآشوب
Ҳам пар аз сулҳу сафои ҳам тиҳӣ аз ҷангу ҷадал
هم پر از صلح و صفا هم تهی از جنگ و جدل
Дида ва хондаам аз дафтари арбоби сухан
دیده و خواندهام از دفتر ارباب سخن
Чаҳ ҳадиси нав ва чаҳ куҳна ва чаҳ мустаъмал
چه حدیث نو و چه کهنه و چه مستعمل
Зони миёни хоссаи наъти ту буд накҳати файз
زآن میان خاصه نعت تو بود نکهت فیض
Надиҳади роиҳаи лолау гули фуму бсл
ندهد رایحه لاله و گل فوم و بصل
Ман ки бошам худ вонгоаҳ чаҳ бошад суханам
من که باشم خود وانگاه چه باشد سخنم
То шавам мадҳи сроҳии ту бойени лӣату лаъл
تا شوم مدحسراحی تو باین لیت و لعل
Ки бўодии санои ту сад афлотӯн ро
که بوادی ثنای تو صد افلاطون را
Пои андеша буд бо ҳамаи суръати арҷл
پای اندیشه بود با همه سرعت ارجل
Сарвро тоҷи варо додситон дод гаро
سرو را تاج ورا دادستان داد گرا
Ки шавад ҳали зи ту ҳар уқдаи молоинҳл
که شود حل ز تو هر عقده مالاینحل
Манам он сӯхта каз оташи оҳам ҳар дам
منم آن سوخته کز آتش آهم هر دم
Мекашад сари бФлки дӯд чаҳ дӯди машъал
میکشد سر بفلک دود چه دود مشعل
Дӯд оҳам наравад чун сӯии гардун ки пар аст
دود آهم نرود چون سوی گردون که پر است
Зохгри доғи дилами ҳамчуи фурӯзони минқал
زاخگر داغ دلم همچو فروزان منقل
Найзае бскаҳ аз оҳами бкФ ҳар кавкаб
نیزهای بسکه از آهم بکف هر کوکب
Шаби намояди зи фалаки ҳамчуи илм аз сртл
شب نماید ز فلک همچو علم از سرتل
Ҳеҷ фарқаш нагузорад зи смоки ромҳ
هیچ فرقش نگذارد ز سماک رامح
Дида ҳар ки фитад сӯии смоки аъзл
دیده هر که فتد سوی سماک اعزل
Рўзгорист ки аз сайли ғаму даври сипеҳр
روزگاریست که از سیل غم و دور سپهر
Дар санои тарабу ъшртми афкандаи халал
در ثنای طرب و عشرتم افکنده خلل
Ин ҷафои пеша ки ҳаст аз паии истисолам
این جفا پیشه که هست از پی استیصالم
Мапаснд инки ҷафояш кунадам мустаъсал
مپسند اینکه جفایش کندم مستأصل
Бустон додам азуи аввал ва онгоҳ бидиҳ
بستان دادم ازو اول و آنگاه بده
Комҳои дилам аз лутфи бўҷҳии аҷмл
کامهای دلم از لطف بوجهی اجمل
Вақти онсткаҳ муштоқ кунӣ ороиш
وقت آنستکه مشتاق کنی آرایش
Гӯши хеш аз гуҳари нуктаи моқлу дил
گوش خویش از گهر نکته ماقل و دل
Беш аз ин нест равои тӯли сухани кини ришта
بیش از این نیست روا طول سخن کین رشته
Басӣ аз риштаи тӯл амл омад атўл
بسی از رشته طول امل آمد اطول
Рӯй олӯда ба хок дар ӯ рӯи сӯяш
روی آلوده به خاک در او رو سویش
Кун дигар бораи баъунвонии хитобу аввал
کن دگر باره بعنوان خطاب و اول
Ҳамаи тани гиряу зории шӯ ва онгоҳ барор
همه تن گریه و زاری شو و آنگاه برآر
Зостини баҳри дуои даст ки тангаст маҳал
زآستین بهر دعا دست که تنگست محل
Душманатро ки дарин майкада аз шишаи чарх
دشمنت را که درین میکده از شیشه چرخ
Нест дар ҷоми равои ғайр май талхи аҷал
نیست در جام روا غیر می تلخ اجل
То фалакро ма ва меҳранд ду чашми нигарон
تا فلک را مه و مهرند دو چشم نگران
Осмон каҷ нигарад ҷониб ӯ чун аҳвал
آسمان کج نگرد جانب او چون احول
Дӯстдори ту ки дар гулшан гетӣ гардад
دوستدار تو که در گلشن گیتی گردد
Аз гули меҳри ту лабрези дилаши ҷайбу бағал
از گل مهر تو لبریز دلش جیب و بغل
Зостони ту ки бошад зи фалаки болотар
زآستان تو که باشد ز فلک بالاتر
Ҳар замони оя Лутфӣ шавад ӯро манзил
هر زمان آیه لطفی شود او را منزل