На зи обу гулат эй нахли ҷавон сохта анд
نه ز آب و گلت ای نخل جوان ساختهاند
Ки саропои ту аз рӯҳи равон сохта анд
که سراپای تو از روح روان ساختهاند
Бар лаби чашмаи чашмам ба тафарруҷ ба нишин
بر لب چشمه چشمم به تفرج به نشین
Коби ин чашма барои ту равон сохта анд
کآب این چشمه برای تو روان ساختهاند
Ман куҷои сабри куҷо бе ту ки дарду ғами ҳиҷр
من کجا صبر کجا بیتو که درد و غم هجر
Дилу ҷонами тиҳӣ аз тоб ва тавон сохта анд
دل و جانم تهی از تاب و توان ساختهاند
Перами вази ин талабами васли ҷавонони кини қавм
پیرم وز این طلبم وصل جوانان کین قوم
Дода як бӯса ва сад пери ҷавон сохта анд
داده یک بوسه و صد پیر جوان ساختهاند
Ғамзаи ?ут раҳзан халқаст чаҳ тифлӣ ки туро
غمزهات رهزن خلقست چه طفلی که ترا
Офати ҷони дили перу ҷавон сохта анд
آفت جان دل پیر و جوان ساختهاند
Бигузар аз каъбау бтхонаҳ ки дар водии ишқ
بگذر از کعبه و بتخانه که در وادی عشق
Ин дуро санги раҳи роҳравон сохта анд
این دو را سنگ ره راهروان ساختهاند
Ману майхона ки сдмртбаҳи аҳлаши муштоқ
من و میخانه که صدمرتبه اهلش مشتاق
Гаштаам перу бҷомими ҷавон сохта анд
گشتهام پیر و بجامیم جوان ساختهاند