Гуфтӣ ӯ рости вФопишаҳи балигар май буд
گفتی او راست وفاپیشه بلی گر میبود
Андакии аидли азин ҳоли ту беҳтар май буд
اندکی ایدل ازین حال تو بهتر میبود
Бо ман акнӯн ки бмҳраст марои ҳол ин аст
با من اکنون که بمهر است مرا حال این است
Ваа чаҳ мекардам агар ёри ситамгар май буд
وه چه میکردم اگر یار ستمگر میبود
Гуфтӣ ар чораи ҳиҷрон талабӣ бош сабур
گفتی ار چاره هجرانطلبی باش صبور
Чора сабраст балии коши муяссар май буд
چاره صبر است بلی کاش میسر میبود
Чораи ҳиҷр ки онҳам накунад ме кардам
چاره هجر که آنهم نکند میکردم
Ғайри мурдан агарам чораи дигар май буд
غیر مردن اگرم چاره دیگر میبود
Мегузашт оҳ чаҳ бар ҷони хилоиқи муштоқ
میگذشت آه چه بر جان خلایق مشتاق
Рӯзи ҳашар ар ба шаби ҳиҷри баробар май буд
روز حشر ار به شب هجر برابر میبود