Май ду чашм ту надонам з чаҳ паймона заданд
می دو چشم تو ندانم ز چه پیمانه زدند
Ки раҳи дайну дили оқил ва девона заданд
که ره دین و دل عاقل و دیوانه زدند
Тўӣии оншмъ ки ҳар шоми млоик то субҳ
توئی آنشمع که هر شام ملایک تا صبح
Дар ҳавои ту пурвабол чу парвона заданд
در هوای تو پروبال چو پروانه زدند
Кашам аз дайри чисони по ки дар он мғбчгон
کشم از دیر چسان پا که در آن مغبچگان
Раҳи дайну дилам аз ҷилва мастона заданд
ره دین و دلم از جلوه مستانه زدند
Хусрави малики ҷунунам бар ман маҷнӯн кист
خسرو ملک جنونم بر من مجنون کیست
Коўли ин қуръаи баноми ман девона заданд
کاول این قرعه بنام من دیوانه زدند
Сӯхти ҷомии з май ишқам ва пайдост ки чист
سوخت جامی ز می عشقم و پیداست که چیست
Ҳоли онон ки аз ин май дўсаҳ паймона заданд
حال آنان که از این می دوسه پیمانه زدند