Ба лаби садбори ҷонам дар раҳашгар з интизор ояд
به لب صدبار جانم در رهش گر ز انتظار آید
Аз он хуштар ки ҳамроҳи рақиби он гул изор ояд
از آن خوشتر که همراه رقیب آن گلعذار آید
Ба каф домонаш оварадам ба сад саъй ва раҳо кардам
به کف دامانش آوردم به صد سعی و رها کردم
зи дастами ҷуз ба ҳам судан бигӯ дигар чаҳ кор ояд
ز دستم جز به هم سودن بگو دیگر چه کار آید
Ғубории ҳркҷо аз даври байнами пеши раҳи гирам
غباری هرکجا از دور بینم پیش ره گیرم
Ба умедӣ ки аз дунболи гирди он шаҳсавор ояд
به امیدی که از دنبال گرد آن شهسوار آید
Нарафтам як раҳ аз кӯии ту хўшдл бошам он ошиқ
نرفتم یک ره از کوی تو خوشدل باشم آن عاشق
Ки ҳрбор аз нахусти озурдатар аз кӯй ёр ояд
که هربار از نخست آزردهتر از کوی یار آید
Нишондӣ чун ба роҳ ва иддаам зон саргарон рафтан
نشاندی چون به راه و عدهام زان سرگران رفتن
Ба лаб донистам охири ҷони ман аз интизор ояд
به لب دانستم آخر جان من از انتظار آید
Рӯм чанд аз дарат навмедтар зи аввали хуши он ошиқ
روم چند از درت نومیدتر ز اول خوش آن عاشق
Ки ояд аз сари кӯии ту ва умедвор ояд
که آید از سر کوی تو و امیدوار آید
Бидон умеди нахлиро тавон сад сол парвардан
بدان امید نخلی را توان صد سال پروردن
Ки ширин гардад аз ваии коми талхӣ чун ба бор ояд
که شیرین گردد از وی کام تلخی چون به بار آید
Ҷафоҳои туро чун бшмрм каз сад яке монад
جفاهای ترا چون بشمرم کز صد یکی ماند
Ҳамон нашимурда аз ҷаври туу рӯз шумор ояд
همان نشمرده از جور تو و روز شمار آید
Макун муштоқро манъ аз май васлат чаҳ хоҳад шуд
مکن مشتاق را منع از می وصلت چه خواهد شد
Кашад зини бодаи махмурӣу берун аз хумор ояд
کشد زین باده مخموری و بیرون از خمار آید