Азизаши дор чун гул ҳарчӣ дар чашми ту хор ояд
عزیزش دار چون گل هرچه در چشم تو خار آید
Биҷои хеш агар сангаст агар гавҳар бакор ояд
بجای خویش اگر سنگست اگر گوهر بکار آید
Чаҳ ҳосилгар бурун ояд зи сад гирдоби он киштӣ
چه حاصل گر برون آید ز صد گرداب آن کشتی
Ки дар гул менишинад аз миён то барканор ояд
که در گل مینشیند از میان تا برکنار آید
Буд кишти муҳаббатро чаҳ хоки талхи ҳайронам
بود کشت محبت را چه خاک تلخ حیرانم
Ки гар коранд онҷои нешикари ҳанзал бабор ояд
که گر کارند آنجا نیشکر حنظل ببار آید
Ман он мурғам ки сар дар зирболу прздл гирӣ
من آن مرغم که سر در زیربال و پرزدل گیری
Бурун ноРом равадгар сад хазон ва сад баҳор ояд
برون نارم رود گر صد خزان و صد بهار آید
зи шавқи новакаш хӯн шуд дилам эй бахти имдодӣ
ز شوق ناوکش خون شد دلم ای بخت امدادی
Ки таркиши бастаи баҳри сайдами он ошиқ шикор ояд
که ترکش بسته بهر صیدم آن عاشق شکار آید
Фиғон аз шавқат эй гул каз тан оядгар буруни ҷонам
فغان از شوقت ای گل کز تن آید گر برون جانم
Маҳоласт инки аз ҷонами буруни ин хорхор ояд
محالست اینکه از جانم برون این خارخار آید
Хататгар сар заду шӯри ман афзӯн шуд аҷаб набӯд
خطت گر سر زد و شور من افزون شد عجب نبود
Шавад девонатар девона чун фасл баҳор ояд
شود دیوانهتر دیوانه چون فصل بهار آید
Кунадгар бода бо ин саргаронӣ дар қадаҳи соқӣ
کند گر باده با این سرگرانی در قدح ساقی
Ба лаби муштоқ ҷонам донам аз ранҷ хумор ояд
به لب مشتاق جانم دانم از رنج خمار آید