Хуши онкии шамъи хилватами он срўноз буд

خوش آنکه شمع خلوتم آن سروناز بود

Ваз ҳар ки буд ғайри маниши эҳтироз буд

وز هر که بود غیر منش احتراز بود

Саргарми ноз ӯ ҳамаи шаб бо ман вази шавқ

سرگرم ناز او همه شب با من وز شوق

То субҳи кори ман ҳамаи аҷзу ниёз буд

تا صبح کار من همه عجز و نیاز بود

Зини сони зи ишқ хор набудам ки дар буриш

زین‌سان ز عشق خار نبودم که در برش

Ушшоқро бар аҳли ҳаваси имтиёз буд

عشاق را بر اهل هوس امتیاز بود

Аз меҳр буд хасми кашу булҳаваси гудоз

از مهر بود خصم کش و بوالهوس گداز

Вази лутфи дӯстпарвару ошиқи навоз буд

وز لطف دوست‌پرور و عاشق‌نواز بود

Фориғи зи миннат майу соғар ба базми шавқ

فارغ ز منت می و ساغر به بزم شوق

Ман аз ниёзи сархуш ва он масти ноз буд

من از نیاز سرخوش و آن مست ناز بود

Доими чароғи хилвати ман буд ҳамчуи шамъ

دایم چراغ خلوت من بود همچو شمع

Вази ршги ғайрро ҳамаи сӯзу гудоз буд

وز رشگ غیر را همه سوز و گداز بود

Муштоқи рӯ кунун ва ба бечорагӣ бисоз

مشتاق رو کنون و به بیچارگی بساز

Рафт онзмон ки ёри турои чораи соз буд

رفت آنزمان که یار ترا چاره‌ساز بود