То кӣ ба мо нишинии бегонаи вори ёро
تا کی به ما نشینی بیگانهوار یارا
Охир тафаққудӣ кун ёрони ошно ро
آخر تفقدی کن یاران آشنا را
Ҷонами фидои он дам каз баъди интизорӣ
جانم فدای آن دم کز بعد انتظاری
Боз ояд ошноӣ бинавозад ошно ро
باز آید آشنایی بنوازد آشنا را
Дастами ту гир ёрб каз ранҷи хори водӣ
دستم تو گیر یارب کز رنج خار وادی
Маҳмил нишин чаҳ донад ҳоли бараҳнаи по ро
محملنشین چه داند حال برهنهپا را
Набӯд турои ҳазар чанд аз оҳи дардмандон
نبود ترا حذر چند از آه دردمندان
Андеша кун ки бошад гуҳи гуҳи асари дуо ро
اندیشه کن که باشد گهگه اثر دعا را
Чашми тараҳҳум аз ёр дорам вале чаҳ созам
چشم ترحم از یار دارم ولی چه سازم
Хубон наменавозанд ушшоқ бенаво ро
خوبان نمینوازند عشاق بینوا را
Рӯзӣ ки шуд дили мо равшани зи сайқали ишқ
روزی که شد دل ما روشن ز صیقل عشق
Ойӣна буд дар занги ҷоми ҷаҳони намо ро
آیینه بود در زنگ جام جهاننما را
Манъами з беқарорӣ бе ӯ макун ки ҳарчанд
منعم ز بیقراری بیاو مکن که هرچند
Кардам талаби нҷстми сабри гурезпо ро
کردم طلب نجستم صبر گریزپا را
Бегонаам зи худ сохт буии ту то чаҳ бошад
بیگانهام ز خود ساخت بوی تو تا چه باشد
Ҳол касе ки бинад дидори ошно ро
حال کسی که بیند دیدار آشنا را
Зар мешавад ба кафи хоки зи эксир бе ниёзӣ
زر میشود به کف خاک ز اکسیر بینیازی
Гӯ аз ҷаҳон бикаш дасти ҷӯёии кимиё ро
گو از جهان بکش دست جویای کیمیا را
Муштоқ агар зи базмаши даврам аҷаб набошад
مشتاق اگر ز بزمش دورم عجب نباشد
Дар боргоҳи султон кӣ раҳ буд гадо ро
در بارگاه سلطان کی ره بود گدا را