Боз чаҳ шуд ки бо ман ӯ ҳеҷ сухан наме кунад
باز چه شد که با من او هیچ سخن نمیکند
Вари гила азу кунам гӯш ба ман наме кунад
ور گله ای ازو کنم گوش به من نمیکند
Расм қадим бошад ин ҳарки гирифт ёри нав
رسم قدیم باشد این هرکه گرفت یار نو
Ёд дигар зи суҳбати ёр куҳан наме кунад
یاد دگر ز صحبت یار کهن نمیکند
Бе ту зи бас фитодаам аз назари ҷаҳонён
بیتو ز بس فتادهام از نظر جهانیان
Оина гар шавам касе рӯй ба ман наме кунад
آینه گر شوم کسی روی به من نمیکند
Кас накунад ҷузи ошнои фаҳми забони ошно
کس نکند جز آشنا فهم زبان آشنا
Аз чаҳ ба ман нигоҳ ӯ ҳеҷ сухан наме кунад
از چه به من نگاه او هیچ سخن نمیکند
Дар раҳи лашкар ғамат кистам онкӣ хона ам
در ره لشکر غمت کیستم آنکه خانهام
Бскаҳ хароб шуд дар ӯ ҷғд ватан наме кунад
بسکه خراب شد در او جغد وطن نمیکند
Зончаҳи зи меҳнати ватан май кашами огаҳ ар шавад
زآنچه ز محنت وطن میکشم آگه ار شود
Мурғи асир дар қафаси ёд чаман наме кунад
مرغ اسیر در قفس یاد چمن نمیکند
Муждаи васл ӯ агар дар таҳ хок башнавад
مژده وصل او اگر در ته خاک بشنود
Рӯзи ҷазо касе буруни сари з кафан наме кунад
روز جزا کسی برون سر ز کفن نمیکند