Дили биқрори ошиқи нафасӣ қарор гирад

دل بیقرار عاشق نفسی قرار گیرد

Ки ту дар канораши оӣии вази худ канор гирад

که تو در کنارش آئی وز خود کنار گیرد

Ту бмни нмишўии гарму бдоғи рашки сӯзам

تو بمن نمیشوی گرم و بداغ رشک سوزم

Чу байнами оташиро ки бҷон хор гирад

چو بینم آتشی را که بجان خار گیرد

На ҳар онкии роҳи паймои гузариш бмқсд уфтад

نه هر آنکه راه‌پیما گذرش بمقصد افتد

Ки хднк бар нишони ҷои яке аз ҳазор гирад

که خدنک بر نشان جا یکی از هزار گیرد

Чаканами бҳкми гардун ки фалак буд самандӣ

چکنم بحکم گردون که فلک بود سمندی

Ки зи саркашии Аннанро зи каф савор гирад

که ز سرکشی عنان را ز کف سوار گیرد

зи хирад чаҳ баҳраи онро ки кунад зи ишқи манъам

ز خرد چه بهره آنرا که کند ز عشق منعم

Ки макон касе дар оташ на бохтёр гирад

که مکان کسی در آتش نه باختیار گیرد

Ғаму роҳат ҷҳонро набӯд бақо надонам

غم و راحت جهانرا نبود بقا ندانم

Ки касе бғири ибрат чаҳ з рӯзгор гирад

که کسی بغیر عبرت چه ز روزگار گیرد

зи ғамаши расидаи ҷонам ба лабу дилами бойени хуш

ز غمش رسیده جانم به لب و دلم باین خوش

Ки бурун чу ояд аз тани раҳи кӯй ёр гирад

که برون چو آید از تن ره کوی یار گیرد