Сафои ҳасани бдидни нмишўди охир
صفای حسن بدیدن نمیشود آخر
Гули биҳишт бчидн намешавад охир
گل بهشت بچیدن نمیشود آخر
Басӯии доми ту он мурғи тунди парвозам
بسوی دام تو آن مرغ تند پروازم
Ки қӯтам ба паридан намешавад охир
که قوتم به پریدن نمیشود آخر
Ту он дарахти барӯманди гулшани ҳасанӣ
تو آن درخت برومند گلشن حسنی
Ки миваи ту бчидни нмишўди охир
که میوه تو بچیدن نمیشود آخر
Асири тӯли амли анкабут мискин аст
اسیر طول امل عنکبوت مسکین است
Ки тор ӯ ба тнидни нмишўди охир
که تار او به تنیدن نمیشود آخر
Чаҳ гӯям ва чаҳ з ман бишинавӣ ки дарди дилам
چه گویم و چه ز من بشنوی که درد دلم
БгФтну бшнидни нмишўди охир
بگفتن و بشنیدن نمیشود آخر
Диҳад ҳаёти абади захми ханҷарат гуё
دهد حیات ابد زخم خنجرت گویا
Ки митпиму тпидни нмишўди охир
که میطپیم و طپیدن نمیشود آخر
Бисоз бодили пурхӯни з ҳар пиёла чу гул
بساز بادل پرخون ز هر پیاله چو گل
Ки ин қадаҳи бкшидни нмишўди охир
که این قدح بکشیدن نمیشود آخر
намебадонаам эй чашми таркаи мояи абр
نمی بدانهام ای چشم ترکه مایه ابر
Ба як ду қатра чакидани нмишўди охир
به یک دو قطره چکیدن نمیشود آخر
Макун зи лаъли лабаши манъ бӯсаам муштоқ
مکن ز لعل لبش منع بوسهام مشتاق
Ки об ӯ бмкидни нмишўди охир
که آب او بمکیدن نمیشود آخر