Он бода ки бояд лаб аз ӯ тар накунад кас
آن باده که باید لب از او تر نکند کس
Аз шишаи ҳамон ба ки бсоғр накунад кас
از شیشه همان به که بساغر نکند کس
Чун мавсими гули бода бсоғр накунад кас
چون موسم گل باده بساغر نکند کس
Ҷузи бодаи бсоғр чаҳ кунад дар накунад кас
جز باده بساغر چه کند در نکند کس
Гар қосиди пайғоми висоли ту фиришта аст
گر قاصد پیغام وصال تو فرشته است
Ҳарфӣ буд ин ҳарф ки бовар накунад кас
حرفی بود این حرف که باور نکند کس
Шартаст ки дар кӯй муҳаббат занад аз дил
شرطست که در کوی محبت زند از دل
Сад чашмаи хӯни ҷӯшу лабӣ тар накунад кас
صد چشمه خون جوش و لبی تر نکند کس
Фарсӯдаи танам дар сари Кувайт каф хокӣаст
فرسوده تنم در سر کویت کف خاکیست
Каз нанги зи бедоди ту бар сар накунад кас
کز ننگ ز بیداد تو بر سر نکند کس
Чашми ту барангехтаи боз аз сафи мижгон
چشم تو برانگیخته باز از صف مژگان
Он фитна ки ёд аз саф маҳшар накунад кас
آن فتنه که یاد از صف محشر نکند کس
Аиҷомаҳ дар он мебирав аз ишқ чаҳ лиззат
ایجامه در آن می برو از عشق چه لذت
Гар синаи худ чок бхнҷр накунад кас
گر سینه خود چاک بخنجر نکند کس
Муштоқ надорад суханаши тоби шарорӣ
مشتاق ندارد سخنش تاب شراری
Гар касби дами гарми з озар накунад кас
گر کسب دم گرم ز آذر نکند کس