Шабӣ рӯз манаст эй аз ту равшани чашми доғи ман
شبی روز منست ای از تو روشن چشم داغ من
Ки гардии анҷумани афрӯзи ман чашми чароғи ман
که گردی انجمن افروز من چشم چراغ من
Шабии шӯр аз фурӯғи меҳри шамъи афрӯзи доғи ман
شبی شور از فروغ مهر شمعافروز داغ من
На охири ман сияҳи рӯзи туами чашму чароғи ман
نه آخر من سیهروز توام چشم و چراغ من
Буд хӯни ҷигар май бе лаби соқии ҳамон беҳтар
بود خون جگر می بیلب ساقی همان بهتر
Ки монад хушк ҳамчун шишаи холии димоғи ман
که ماند خشک همچون شیشه خالی دماغ من
зи баси коҳидм аз ҳиҷраш гарм бинад аҷаб набӯд
ز بس کاهیدم از هجرش گرم بیند عجب نبود
Ки нашносад маро ё рӯз ман гирад суроғи ман
که نشناسد مرا یا روز من گیرد سراغ من
з ҳар шаби имшабами тоб втб афзӯнаст пиндорӣ
ز هر شب امشبم تابوتب افزونست پنداری
Ки ғофили хешро Перу на Эй зад бар чароғи ман
که غافل خویش را پرو نه ای زد بر چراغ من
Чаҳ файз аз шишаи дили соғари чашм терм дорад
چه فیض از شیشه دل ساغر چشم ترم دارد
Казин мино намеояд биҷузи хӯн дар аёғи ман
کزین مینا نمیآید بجز خون در ایاغ من
Зери сайри гулистони гулҳои доғат фориғам дорад
زیر سیر گلستان گلهای داغت فارغم دارد
Ки бошад синаам зини лолаи гулгашти боғи ман
که باشد سینهام زین لاله گلگشت باغ من
Сурӯдамро шинави муштоқи мангар ин сияҳи бахтӣ
سرودم را شنو مشتاق منگر این سیهبختی
Ки хуштар аз навой булбуласт оҳанги зоғи ман
که خوشتر از نوای بلبل است آهنگ زاغ من