эй зи ҷаврати дили ушшоқ ба хӯни ғӯтаи занон

ای ز جورت دل عشاق به خون غوطه‌زنان

Лолаи зории сари кӯии ту зи хунини кафанон

لاله‌زاری سر کوی تو ز خونین‌کفنان

На зи мардии сет ки бар қалб заъифон тозад

نه ز مردی‌ست که بر قلب ضعیفان تازد

Бишиканади онкӣ ба як ҳамлаи сафи сафи шиканон

بشکند آنکه به یک حمله صف صف‌شکنان

Хотамиро ки ҷузи ангушт сулаймон насазад

خاتمی را که جز انگشت سلیمان نسزد

Кӣ тавон дид худоё ба кафи аҳриманон

کی توان دید خدایا به کف اهرمنان

Вой бар мӯр дар он арса ки чун нақши қадам

وای بر مور در آن عرصه که چون نقش قدم

Аз лагадкӯб шавад серумаи тани пели танон

از لگدکوب شود سرمه تن پیل‌تنان

эй худои толеъи пероҳании охир то чанд

ای خدا طالع پیراهنی آخر تا چند

Сӯзам аз шавқи ҳам оғӯшии симини баданон

سوزم از شوق هم‌آغوشی سیمین‌بدنان

Дорадам белабу доғи сияҳи рӯзии хеш

داردم بی‌لب و داغ سیه‌روزی خویش

Дидани хол ба кунҷи лаби ширини даҳанон

دیدن خال به کنج لب شیرین‌دهنان

Зоҳидӣат ба худои роҳи намоянд агар

زاهدانت به خدا راه نمایند اگر

Кас ба манзил расад аз раҳбарии роҳи занон

کس به منزل رسد از رهبری راه‌زنان

Бар дар майкадаи он сар ба чаҳ карт ояд

بر در میکده آن سر به چه کارت آید

Каз иродат нанаҳй дар қадами брҳмнон

کز ارادت ننهی در قدم برهمنان

Ба чаҳ сон аз дар майхонаи кашами пои муштоқ

به چه‌سان از در میخانه کشم پا مشتاق

Ки набошад ба ҷузи ин дар ватан бе ватанон

که نباشد به جز این در وطن بی‌وطنان