То чанд бкўиши истами ман
تا چند بکویش ایستم من
Пиндорад ёр нестам ман
پندارد یار نیستم من
Дар боғ саҳар шудам ббўиш
در باغ سحر شدم ببویش
Хандид гул ва гиристам ман
خندید گل و گریستم من
Хуши онкӣ чу шоҳу банда дар базм
خوش آنکه چو شاه و بنده در بزم
Биншинад ёру истами ман
بنشیند یار و ایستم من
Ман қатраи ту баҳр дар ҳақорат
من قطره تو بحر در حقارت
Пайдост бар ту чистам ман
پیداست بر تو چیستم من
Зини зиндагӣам чаҳ файзи муштоқ
زین زندگیم چه فیض مشتاق
Гирам беёр зистам ман
گیرم بییار زیستم من